पटना, 30 दिसंबर । Bihar Ropeway : बिहार के रोहतास जिले में निर्माणाधीन 13 करोड़ रुपये के रोपवे के ट्रायल के दौरान धराशाई होने की घटना को लेकर राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गई है। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद दोषी इंजीनियरों को निलंबित किया जा रहा है, जबकि निर्माण कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच में यह हुआ खुलासा
मंत्री जायसवाल ने कहा कि रोपवे का ट्रायल पूरी तरह तकनीकी लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण असफल हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हादसे के बाद तत्काल विस्तृत जांच का आदेश दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट में निर्माण कंपनी के साथ पथ निर्माण विभाग के इंजीनियरों की भी भारी चूक सामने आई है।
Bihar Ropeway : रोपवे के डिजाइन में खामियां
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि रोपवे के डिजाइन में खामियां थीं। मंत्री ने कहा कि डिजाइन संबंधी त्रुटियों की भी अलग से जांच कराई जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
नए साल पर खोलने की थी तैयारी
Bihar Ropeway : गौरतलब है कि रोहतास में यह 13 करोड़ रुपये का रोपवे पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा था। यह रोपवे रोहतास प्रखंड मुख्यालय को ऐतिहासिक चौरासन मंदिर से जोड़ने वाला था, जिससे पर्यटकों को दुर्गम रास्ते पर आसानी से पहुंचने में मदद मिलती। इसे नए साल पर जनता के लिए खोलने की तैयारी थी।
भार नहीं सह सका रोपवे का पिलर
Bihar Ropeway : ट्रायल के दौरान रोपवे का पिलर अचानक भार नहीं सह सका और ट्रॉली सहित गिर पड़ा। सौभाग्य से उस समय ट्रॉली खाली थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
सरकार का कहना है कि तय मानकों के अनुसार पुनः तकनीकी जांच कराई जाएगी और सुरक्षा के उच्चतम स्तर पर ही परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।







