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Bihar Flood Relief : बाढ़ प्रभावित बिहार में राहत के लिए सीएम सम्राट चौधरी ने दिया एक माह का वेतन, राहत कोष में 2.70 लाख रुपये का अंशदान

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Bihar Flood Relief

निवेदिता झा, पटना, 19 सितंबर। Bihar Flood Relief : बिहार में लगातार बनी बाढ़ की स्थिति के बीच राज्य सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के प्रयास जारी हैं। राज्य के 15 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मानवीय पहल करते हुए अपने एक माह के वेतन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने एक माह के वेतन के रूप में 2.70 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए सौंपा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह चेक पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ परिसर में मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह को प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार इस समय बाढ़ और आपदा की चुनौती से गुजर रहा है। ऐसे कठिन समय में प्रभावित परिवारों तक राहत और सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आपदा की घड़ी में मुख्यमंत्री राहत कोष जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता के साथ-साथ समाज के सक्षम, समृद्ध और सामर्थ्यवान लोगों से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में अधिक से अधिक राशि का अंशदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होते, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों की सामूहिक भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। सक्षम लोग आगे आकर राहत कोष में योगदान करें तो बाढ़ से प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने के प्रयासों को और मजबूत किया जा सकता है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोगों से अपील की कि वे संकट की इस घड़ी में बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि राज्य के जिन इलाकों में बाढ़ का प्रभाव है, वहां बड़ी संख्या में परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भोजन, पेयजल, दवाइयों, आवश्यक वस्तुओं और अन्य राहत सामग्री की जरूरत बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष आपदा प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। समाज के सक्षम लोगों की ओर से किया गया योगदान राहत कार्यों को गति देने में मददगार साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि बिहार के लोग अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आएंगे।

15 जिलों में बाढ़ का असर, राहत और बचाव कार्य जारी

Bihar Flood Relief :  बिहार में बाढ़ के कारण फिलहाल 15 जिलों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है। विभिन्न प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। बाढ़ के पानी से प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर प्रशासन का जोर है।

राज्य सरकार की ओर से संबंधित जिलों की प्रशासनिक मशीनरी को राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय रखा गया है। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जरूरतों का आकलन कर राहत कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

बाढ़ के बीच सरकार की ओर से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि प्रभावित परिवारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासनिक स्तर पर राहत शिविरों, बचाव अभियान और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है।

राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी राहत कोष में योगदान

Bihar Flood Relief :  बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहायता देने का सिलसिला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी जारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक माह का वेतन राहत कोष में देने के बाद भाजपा नेताओं की ओर से भी बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए आर्थिक सहयोग दिया गया है।

इससे पहले शुक्रवार को बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को 51 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए सौंपा था। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए पार्टी की ओर से सहयोग का भरोसा जताया था।

संजय सरावगी ने कहा था कि भाजपा के सभी विधायक, विधान पार्षद और सांसद बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए अपने एक माह के वेतन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। पार्टी की ओर से किए गए इस ऐलान के बाद राहत कोष में जनप्रतिनिधियों की ओर से आर्थिक योगदान की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही गई।

नितिन नवीन ने भी दिया तीन महीने के वेतन का अंशदान

Bihar Flood Relief :  इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक योगदान किया है। उन्होंने अपने तीन महीने के वेतन की राशि 6,35,000 रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान के रूप में दी है।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत कोष में राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए जा रहे आर्थिक योगदान को प्रभावित परिवारों की सहायता के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार और प्रशासन के स्तर पर चल रहे राहत कार्यों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों से मिलने वाली सहायता से प्रभावित लोगों तक अतिरिक्त संसाधन पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

सामूहिक भागीदारी पर मुख्यमंत्री का जोर

Bihar Flood Relief :  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन परिस्थिति में सरकार के साथ समाज की सामूहिक भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा का असर केवल किसी एक परिवार या समुदाय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों का जनजीवन प्रभावित होता है। ऐसे में समाज के सक्षम वर्गों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आएं।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों के पास दूसरों की सहायता करने की क्षमता है, वे मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी सामर्थ्य के अनुसार योगदान करें। उन्होंने कहा कि छोटी-बड़ी हर सहायता आपदा प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि संकट के समय सरकार राहत एवं बचाव के लिए अपनी पूरी प्रशासनिक क्षमता का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन व्यापक स्तर पर राहत पहुंचाने के लिए समाज का सहयोग भी जरूरी है। सरकार की कोशिश है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराई जा सके।

प्रभावित लोगों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर

Bihar Flood Relief :  बिहार में बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित परिवारों को उनकी जरूरत के मुताबिक आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने तथा सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में बाढ़ का प्रभाव अधिक है, वहां स्थानीय प्रशासन की ओर से स्थिति की निगरानी की जा रही है।

सरकार की ओर से राहत कार्यों के लिए प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय रखा गया है। अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने और प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए काम करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से अपने एक माह के वेतन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए जाने के बाद उन्होंने एक बार फिर समाज के सक्षम लोगों से सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से बाढ़ से प्रभावित परिवारों तक राहत और सहायता पहुंचाने के अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

बिहार में बाढ़ से प्रभावित 15 जिलों में फिलहाल राहत और बचाव कार्यों पर प्रशासन का ध्यान केंद्रित है। सरकार का जोर प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ संकट की इस घड़ी में उन्हें हरसंभव सहयोग देने पर है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आएं और अपनी क्षमता के अनुसार मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के प्रयासों को मजबूत करें।

Nivedita Jha
Author: Nivedita Jha

Nivedita Jha is a graduate from Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University. She is also a double post graduate. She has also done journalism. She has five years of experience in journalism.

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