पटना, 30 दिसंबर। Bihar Bribery Case : बिहार में स्पेशल विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरा सदर प्रखंड कार्यालय में बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने के बदले 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एक पंचायत सचिव को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान दौलतपुर पंचायत के सचिव जितेंद्र प्रसाद के रूप में हुई है। उसे ब्लॉक ऑफिस के अंदर ही शिकायतकर्ता से पैसे लेते हुए धर दबोचा गया।
Bihar Bribery Case : शिकायत कैसे शुरू हुई
Bihar Bribery Case : शिकायतकर्ता नवीन कुमार सिंह, जो मोतिहारी जिले के पिपरा गांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनकी बेटी की शादी दरियापुर गांव में हुई है और वे अपनी सास का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले चार महीनों से आरा सदर ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे।
सभी दस्तावेज पूरे होने और आवेदन पर ब्लॉक विकास पदाधिकारी (BDO) के हस्ताक्षर होने के बावजूद प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार, पंचायत सचिव शुरू से ही प्रक्रिया में बाधा डाल रहा था।
रिश्वत की मांग
Bihar Bribery Case : नवीन कुमार सिंह का आरोप है कि पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद ने शुरुआत में 20,000 रुपये की मांग की।कई बार रिक्वेस्ट करने पर उसने रकम घटाकर 10,000 रुपये कर दी और साफ कह दिया कि बिना पैसे प्रमाण पत्र नहीं बनेगा।
लगातार परेशान होकर नवीन कुमार ने 29 दिसंबर को स्पेशल विजिलेंस विभाग में शिकायत दर्ज कराई। जांच में आरोप सही पाए गए।
सचिव रंगेहाथों पकड़ा गया
Bihar Bribery Case : मंगलवार को जब सचिव ने रिश्वत की रकम ली और उसे टेबल के नीचे छिपाने की कोशिश कर रहा था, तभी विजिलेंस टीम ने उसे फौरन पकड़ लिया।
स्पेशल विजिलेंस डिपार्टमेंट के डीएसपी चंद्र भूषण ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। जांच के बाद कार्रवाई की गई।
डीएसपी ने यह भी कहा कि आरोपित सचिव संभवतः ब्लॉक विकास पदाधिकारी (BDO) के निर्देश पर काम कर रहा हो सकता है और इस एंगल से भी जांच जारी है।
उन्होंने कहा, “अगर इस मामले में कोई और अधिकारी या कर्मचारी शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
कौन है आरोपी सचिव
Bihar Bribery Case : गिरफ्तार पंचायत सचिव शेखपुरा जिले के कुसुमा हाल्ट का निवासी है और पिछले तीन वर्षों से दौलतपुर पंचायत में तैनात था। उसकी गिरफ्तारी के बाद ब्लॉक ऑफिस में हड़कंप मच गया है। मामला आगे जांच में है।







