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Ayurvedic Kadha : जुकाम-खांसी अब नहीं सताएगी, आज़माएं ये 5 चमत्कारी देसी काढ़े, बूस्ट होगी इम्युनिटी

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Ayurvedic Kadha Remedies for Instant Relief from Cold and Cough

नई दिल्ली, 12 दिसंबर। Ayurvedic Kadha : सर्दियों में खांसी, जुकाम और गले में खराश जैसे लक्षण आम हो जाते हैं। नाक बहना, हल्का बुखार और शरीर टूटने जैसा महसूस होना पूरे दिन की ऊर्जा खत्म कर देता है। ऐसे समय में आयुर्वेदिक काढ़े बेहद प्रभावी साबित होते हैं। ये शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं। इम्युनिटी बढ़ाते हैं और वायरस से लड़ने की क्षमता मजबूत करते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, सर्दी और खांसी कफ दोष बढ़ने से होती है। इसलिए ऐसे काढ़े लाभदायक होते हैं जिनमें गर्माहट, तीखापन और हल्की रूखाई हो। अदरक, काली मिर्च, तुलसी, दालचीनी, गिलोय और हल्दी जैसे तत्व कफ को संतुलित करने और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

अदरक-तुलसी का काढ़ा

Ayurvedic Kadha :  अदरक शरीर की जकड़न और सूजन कम करता है, जबकि तुलसी इम्युनिटी को बढ़ाती है।
कैसे बनाएं: एक इंच अदरक और 10–12 तुलसी की पत्तियां दो कप पानी में उबालें। स्वाद के लिए शहद डाल सकते हैं। दिन में 1–2 बार पिएं।

काली मिर्च-लौंग-दालचीनी का काढ़ा

Ayurvedic Kadha : यह काढ़ा शरीर में गर्माहट बढ़ाता है और जमे हुए कफ को पिघलाकर बाहर निकालने में मदद करता है।

  • काली मिर्च वायरस की एक्टिविटी कम करती है
  • लौंग गले के दर्द में राहत देती है
  • दालचीनी शरीर को गर्म बनाए रखती है
गिलोय-अदरक काढ़ा

Ayurvedic Kadha : गिलोय को आयुर्वेद में “अमृत” कहा जाता है। यह अदरक के साथ मिलकर संक्रमण को तेजी से कम करता है और बुखार जैसी स्थितियों में मदद करता है।

हल्दी-दूध (गोल्डन मिल्क)
  • हल्दी एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी होती है, जबकि गर्म दूध गले को आराम देता है।
  • यह मिश्रण गले की खराश में तुरंत राहत देता है और शरीर को मजबूती प्रदान करता है।
मुलेठी-तुलसी काढ़ा

Ayurvedic Kadha : मुलेठी गले की जलन और सूखापन दूर करती है, जबकि तुलसी रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाती है। यह काढ़ा खासतौर पर सूखी खांसी में असरदार है।

ध्यान रखें बहुत गर्म तासीर वाले काढ़ों का अधिक सेवन न करें। काढ़े पूरी तरह दवा का विकल्प नहीं हैं, लेकिन वे राहत देने और इम्युनिटी बढ़ाने में बेहद मददगार होते हैं।

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