दुबई, 1 अक्टूबर। Captain Smit Machhar
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड 1073 में सवार 174 लोगों की जान बचाने के लिए साहस और सूझबूझ का परिचय देने वाले भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और भारत के कॉन्सल जनरल डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने मुलाकात की। दोनों भारतीय अधिकारियों ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिजनों से मुलाकात कर उनकी स्थिति और परिवार की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संदेश जारी कर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। दूतावास की ओर से बताया गया कि यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और कॉन्सल जनरल डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से मुलाकात की।
दूतावास और वाणिज्य दूतावास लगातार संपर्क में रहेंगे
Captain Smit Machhar : भारतीय अधिकारियों ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार को भरोसा दिलाया कि भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास परिवार के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे। जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ यूएई के संबंधित अधिकारियों के साथ भी लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा।
अधिकारियों ने कैप्टन मच्छार के साहस, धैर्य और असाधारण प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने जिस तरह अपनी जिम्मेदारी निभाई, वह उल्लेखनीय है। घायल होने के बावजूद विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।
विमान हादसे को टालने में निभाई अहम भूमिका
Captain Smit Machhar : मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान एफजेड 1073 को दुर्घटनाग्रस्त कराने की कोशिश को भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने नाकाम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान विमान में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे और स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी।
इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में कैप्टन मच्छार ने विमान को सुरक्षित रखने और यात्रियों की जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल भी हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में उन्हें खून से लथपथ हालत में देखा गया, जिससे उनकी चोटों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बताया गया कि घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी भूमिका निभाना जारी रखा। विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोलने तक उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी सूझबूझ और साहस के कारण विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाने और यात्रियों को बचाने में मदद मिली।
तबूक एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग
कैप्टन स्मित मच्छार और विमान में मौजूद अन्य लोगों के प्रयासों का नतीजा यह रहा कि विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा जा सका। इस तरह एक बेहद गंभीर स्थिति के बीच विमान की सुरक्षित लैंडिंग संभव हुई और बड़ी संख्या में लोगों की जान बच गई।
फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार चल रहा है। उनके साहसिक प्रयासों की जानकारी सामने आने के बाद भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों से उनके प्रति सम्मान और समर्थन व्यक्त किया जा रहा है।
इजरायल के राष्ट्रपति ने जताया आभार
Captain Smit Machhar : कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने उनकी भूमिका के लिए देश की ओर से आभार व्यक्त किया है। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मच्छार को ‘हीरो’ बताया है।
इस घटना के बाद कैप्टन मच्छार के साहस और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विशेष रूप से इस बात की चर्चा हो रही है कि गंभीर खतरे के बीच उन्होंने अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की चिंता किए बिना यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
भारतीय राजनयिक ने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक प्रयास की बताई मिसाल
भारत में इजरायल के राजदूत ने इस घटना को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर मुकाबला करने की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारों के बीच सहयोग तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि आम लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
भारतीय पायलट और विमान में मौजूद यात्रियों की भूमिका के संबंध में पूछे गए सवाल पर इजरायली राजदूत ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए सरकारों का मिलकर काम करना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही लोगों का एकजुट होकर सामने आना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि बुधवार को हुई घटना इस बात का उदाहरण है कि आतंकवादियों के सामने झुकने के बजाय व्यक्तिगत स्तर पर भी लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं और अपने भविष्य को स्वयं निर्धारित करने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।
साहस और जिम्मेदारी की हो रही सराहना
कैप्टन स्मित मच्छार की घटना ने एक बार फिर विमानन क्षेत्र में पायलटों की जिम्मेदारी और आपात परिस्थितियों में उनके निर्णय लेने की क्षमता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सामान्य परिस्थितियों में विमान संचालन जहां तकनीकी दक्षता और अनुशासन की मांग करता है, वहीं किसी गंभीर आपात स्थिति में पायलट के सामने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी होती है।
कैप्टन मच्छार के मामले में भी गंभीर परिस्थितियों के बावजूद विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाने और यात्रियों की जान बचाने के उनके प्रयासों की सराहना की जा रही है। उनके घायल होने के बावजूद जिम्मेदारी निभाने की जानकारी ने इस घटना को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।
भारतीय दूतावास की ओर से परिवार से मुलाकात और लगातार सहायता का भरोसा दिए जाने से यह भी स्पष्ट हुआ है कि भारतीय अधिकारी इस पूरे मामले में परिवार के संपर्क में बने हुए हैं। दूतावास और वाणिज्य दूतावास यूएई के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए आगे की आवश्यक कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
कैप्टन स्मित मच्छार के साहसिक प्रयासों की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार के प्रति भी देश-विदेश से समर्थन और शुभकामनाएं व्यक्त की जा रही हैं। फिलहाल सभी की नजर उनके स्वास्थ्य और उपचार पर है तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।







