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Bengal Final Phase : बंगाल का रण, 3.2 करोड़ वोटर तय करेंगे 1448 उम्मीदवारों की किस्मत

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Bengal Final Phase Voting: 3.2 Crore Voters to Decide Fate of 1448 Candidates

कोलकाता, 28 अप्रैल । Bengal Final Phase : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम और निर्णायक चरण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनावी माहौल अपने चरम पर है और राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिस्पर्धा के बीच अब मतदाताओं की बारी है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर राज्य के भविष्य की दिशा तय करें। 29 अप्रैल को होने वाले इस अंतिम चरण के मतदान में राज्य की राजधानी कोलकाता सहित छह प्रमुख जिलों की कुल 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए कुल 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

ताकि मतदान सुचारु हो सके

निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस चरण में कुल 3,21,73,837 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,64,35,627 है, जबकि महिला मतदाता 1,57,37,418 हैं। इसके अलावा 792 थर्ड जेंडर मतदाता भी इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेंगे। आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) उपलब्ध कराया जा चुका है, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

आयु संरचना भी इस चुनाव में खास

मतदाताओं की आयु संरचना भी इस चुनाव को खास बनाती है। इस चरण में 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के 3,243 मतदाता शामिल हैं, जो लोकतंत्र के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाते हैं। वहीं 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या 1,96,801 है, जो इस बात का प्रमाण है कि वरिष्ठ नागरिक भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इसके अतिरिक्त 146 एनआरआई (प्रवासी भारतीय) मतदाता और 39,961 सर्विस वोटर (सेना एवं अर्धसैनिक बलों के कर्मी) भी इस चरण में मतदान करेंगे।

कुल 1,448 प्रत्याशी चुनाव मैदान में

Bengal Final Phase : उम्मीदवारों की बात करें तो इस अंतिम चरण में कुल 1,448 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 1,228 पुरुष उम्मीदवार और 220 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। हालांकि, इस चरण में किसी भी सीट पर थर्ड जेंडर उम्मीदवार मैदान में नहीं है। यह आंकड़ा राजनीतिक प्रतिनिधित्व में लैंगिक असंतुलन की ओर भी इशारा करता है, जिस पर भविष्य में ध्यान देने की आवश्यकता है।

107 सामान्य श्रेणी की सीटें

Bengal Final Phase :  सीटों के वर्गीकरण की बात करें तो 142 सीटों में से 107 सामान्य श्रेणी की हैं। इसके अलावा 34 सीटें अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित हैं, जबकि एक सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए सुरक्षित रखी गई है। यह आरक्षण व्यवस्था समाज के विभिन्न वर्गों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

कुछ सीटों पर मुकाबला रोचक

कुछ सीटों पर मुकाबला बेहद रोचक और बहुकोणीय है। दक्षिण 24 परगना जिले की भांगर विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 15 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे वहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है। वहीं हुगली जिले की एक सीट पर सबसे कम पांच उम्मीदवार हैं, जहां मुकाबला अपेक्षाकृत सीमित है।

इस चरण में जिन जिलों में मतदान होना है, उनमें कोलकाता के अलावा नदिया, पूर्व बर्धमान, हुगली, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और हावड़ा शामिल हैं। ये सभी जिले राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं और यहां के परिणाम पूरे राज्य की सत्ता की तस्वीर को प्रभावित कर सकते हैं।

Bengal Final Phase Voting: 3.2 Crore Voters to Decide Fate of 1448 Candidates

व्यापक इंतजाम

Bengal Final Phase : मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कुल 41,001 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 39,301 मुख्य मतदान केंद्र और 1,700 सहायक मतदान केंद्र शामिल हैं। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत रोका जा सके।

संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी

Bengal Final Phase : सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के हजारों जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या गड़बड़ी को रोका जा सके।

चुनाव आयोग ने की यह अपील

Bengal Final Phase :  चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। आयोग ने यह भी कहा है कि मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

अब सभी की निगाहें 4 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना की जाएगी और यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य की जनता ने किसे अपना समर्थन दिया है। यह अंतिम चरण न केवल चुनावी प्रक्रिया का समापन करेगा, बल्कि पश्चिम बंगाल की आगामी राजनीतिक दिशा भी तय करेगा।

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