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Mumbai Guard Attack : पहले ‘कलमा’ पढ़ने को कहा, फिर चाकू से हमला, मुंबई में गार्डों पर सनसनीखेज वार

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Mumbai Guard Attack: Man Stabs Two Guards After Religious Demand

मुंबई, 28 अप्रैल। Mumbai Guard Attack : मुंबई के नया नगर इलाके में घटी एक सनसनीखेज और चिंताजनक घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार तड़के हुए इस हमले में दो सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपित को कुछ ही समय के भीतर गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला न केवल हिंसक हमला प्रतीत होता है, बल्कि इसमें धार्मिक पहचान को लेकर उकसावे और कट्टरता के संकेत भी सामने आए हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपित की पहचान 31 वर्षीय जैब जुबेर अंसारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह सोमवार सुबह करीब 4 बजे वोकहार्ट अस्पताल के पास बन रही एक इमारत के परिसर में पहुंचा, जहां दो सुरक्षा गार्ड ड्यूटी पर तैनात थे। उस समय आसपास का इलाका अपेक्षाकृत शांत था और अधिकांश लोग अपने घरों में थे। इसी दौरान आरोपित, गार्डों के पास गया और उनसे बातचीत शुरू की।

और आक्रामक हो गया आरोपित

चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपित ने पहले गार्डों की धार्मिक पहचान जानने की कोशिश की। उसने कथित तौर पर उनसे ‘कलमा’ पढ़ने को कहा, जो इस्लाम धर्म में आस्था की मूल घोषणा मानी जाती है। जब गार्डों ने ऐसा करने से इनकार किया, तो आरोपित अचानक आक्रामक हो गया और उसने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गार्ड—राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन—गंभीर रूप से घायल हो गए।

मौके पर मची अफरातफरी

Mumbai Guard Attack :  हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल अवस्था में भी राजकुमार मिश्रा ने साहस दिखाते हुए किसी तरह खुद को संभाला और नजदीकी अस्पताल तक पहुंचने में सफल रहे। वहीं, सुब्रतो सेन की हालत और भी गंभीर थी। उसी दौरान वहां से गुजर रहे एक स्थानीय निवासी नायब शेख ने उनकी मदद की। नायब शेख काम से घर लौट रहे थे, तभी उन्होंने गार्ड बूथ के पास असामान्य हलचल देखी। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो सेन घायल अवस्था में छिपे हुए थे।

नायब शेख ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और बिना समय गंवाए सेन को पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन ले गए, ताकि घटना की सूचना दी जा सके। इसके बाद उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सेन को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर इलाज दिलाया जाए। स्थानीय लोगों की इस तत्परता ने घायल गार्ड की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

Mumbai Guard Attack : घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और आरोपित की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस की मुस्तैदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना के लगभग 90 मिनट के भीतर ही जैब जुबेर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे नया नगर पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

आरोपित पर हत्या के प्रयास का मामला

Mumbai Guard Attack :  आरोपित पर हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) और दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे ठाणे की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 4 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे के मकसद और संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा

Mumbai Guard Attack :  इस मामले ने जांच एजेंसियों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ राज्य की आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) भी इस घटना की जांच में शामिल हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह एक ‘लोन वुल्फ’ हमला हो सकता है, यानी ऐसा हमला जिसे किसी व्यक्ति ने अकेले अंजाम दिया हो, लेकिन वे इस संभावना को भी खारिज नहीं कर रहे कि इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र हो सकता है।

जांच के दौरान आरोपित से कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में कुछ नोट्स और डिजिटल सामग्री सामने आई है, जिनमें ‘आइएसआइएस’, ‘लोन वुल्फ’, ‘जिहाद’ और ‘गाजा’ जैसे शब्दों का उल्लेख पाया गया है। इन सुरागों के आधार पर जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपित किसी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था या नहीं।

सूत्रों के मुताबिक, जैब जुबेर अंसारी का अतीत भी जांच के दायरे में है। बताया जा रहा है कि वह कई वर्षों तक अमेरिका में रहा था और उसके परिवार के कुछ सदस्य आज भी वहीं निवास करते हैं। हालांकि, वहां उसे कोई स्थायी रोजगार नहीं मिल पाया, जिसके चलते उसे भारत लौटना पड़ा। भारत लौटने के बाद वह मीरा रोड इलाके में अकेले रह रहा था।

लिया करता था केमिस्ट्री की कक्षाएं

जीविका चलाने के लिए वह ऑनलाइन माध्यम से केमिस्ट्री की कक्षाएं लिया करता था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उसकी आर्थिक स्थिति या व्यक्तिगत जीवन में किसी प्रकार का तनाव इस घटना से जुड़ा हुआ है या नहीं, लेकिन पुलिस इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।

सामाजिक दृष्टिकोण से संवेदनशील मामला

Mumbai Guard Attack :  यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। धार्मिक पहचान को लेकर इस प्रकार का हमला समाज में भय और अविश्वास का माहौल पैदा कर सकता है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे न केवल आरोपी को कड़ी सजा दिलाएं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

फिलहाल दोनों घायल गार्डों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है। पुलिस लगातार मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और जल्द ही इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

उठे कई सवाल

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि समाज में बढ़ती कट्टरता और हिंसक प्रवृत्तियों को रोकने के लिए किस तरह के ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही, यह भी जरूरी है कि आम नागरिक सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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