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Amit Shah Attack : अमित शाह का तीखा वार, कहा— टीएमसी के भ्रष्टाचार का सूरज डूब चुका है

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Amit Shah Attack on TMC: Says Corruption “Sun Has Set” in Bengal Politics

नई दिल्ली, 23 अप्रैल । Amit Shah Attack : अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच एक बार फिर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। राज्य में पहले चरण के मतदान के बीच जारी सियासी गर्मी के दौरान गृह मंत्री के इस बयान ने चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है।

गुरुवार को अपने चुनावी प्रचार अभियान के दौरान अमित शाह ने टीएमसी सरकार को घेरते हुए उसे “डूबता हुआ सूरज” बताया और आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार, अराजकता और कथित गुंडागर्दी अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और मौजूदा शासन का अंत तय है।

शाह का सोशल मीडिया हमला

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए एक डूबते हुए सूरज का वीडियो लगाया और लिखा—
“टीएमसी के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज डूब चुका है।”

उनके इस बयान को सीधे तौर पर पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार पर बड़ा राजनीतिक प्रहार माना जा रहा है।

पीएम मोदी के बयान से जुड़ता राजनीतिक माहौल

Amit Shah Attack :  गृह मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया जब कुछ घंटे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में तंज कसते हुए कहा था कि उनके पिछले चुनाव प्रचार के दौरान लिया गया “झालमुड़ी ब्रेक” कुछ लोगों के लिए राजनीतिक झटका साबित हुआ था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह टिप्पणी भी परोक्ष रूप से टीएमसी पर ही निशाना थी।

बंगाल में बढ़ती सियासी टकराहट

Amit Shah Attack :  पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल लगातार तीखा होता जा रहा है। भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर भाजपा नेताओं द्वारा राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता के आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर टीएमसी इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले अमित शाह ने यह भी कहा था कि कोलकाता को झुग्गियों में बदल दिया गया है, जिस पर टीएमसी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेताओं को “बाहरी” बताया था और राज्य की छवि खराब करने का आरोप लगाया था।

पहले चरण का मतदान और जनता का उत्साह

Amit Shah Attack :  इसी राजनीतिक खींचतान के बीच पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गए। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे स्पष्ट हुआ कि इस बार चुनाव को लेकर जनता में गहरी रुचि है।

चुनाव आयोग के अनुसार कई जिलों में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जिससे राजनीतिक दलों के समीकरण और विश्लेषण दोनों ही प्रभावित हो सकते हैं।

दूसरे चरण की तैयारी

Amit Shah Attack :  अब राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जिसमें 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके बाद सभी की नजरें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी होंगी।

15 साल का टीएमसी शासन

पश्चिम बंगाल में पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस की सरकार सत्ता में है। इस लंबे शासनकाल को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है, जबकि टीएमसी अपने विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं को उपलब्धि के रूप में पेश करती है।

जिन जिलों में हुआ मतदान

पहले चरण में जिन 16 जिलों में मतदान हुआ, उनमें उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल दोनों क्षेत्र शामिल रहे। इनमें प्रमुख रूप से— कूचबिहार, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा, पश्चिम बर्धमान और बीरभूम शामिल हैं।

इन इलाकों में मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे मतदान प्रतिशत काफी ऊंचा दर्ज किया गया।

राजनीतिक तापमान चरम पर

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का पश्चिम बंगाल चुनाव अब तक के सबसे आक्रामक और तीखे चुनावों में से एक बन चुका है। लगातार हो रही बयानबाजी, आरोप-प्रत्यारोप और जनसभाओं में तीखे हमलों ने चुनावी माहौल को बेहद गर्म कर दिया है।

अमित शाह के ताजा बयान ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच संघर्ष केवल चुनावी नहीं, बल्कि वैचारिक और राजनीतिक सत्ता संघर्ष में बदल चुका है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने की पूरी संभावना है, जिसका सीधा असर मतदान और परिणामों पर भी देखने को मिल सकता है।

ohm verma
Author: ohm verma

Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.

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