Bengal Voting Phase1 : पहले चरण में बड़ा मुकाबला, जनता तय करेगी सियासी भविष्य
कोलकाता, 23 अप्रैल। Bengal Voting Phase1 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के तहत पहले चरण का मतदान गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हो गया, जिसके साथ ही राज्य में लोकतंत्र का महापर्व पूरे उत्साह और जोश के साथ आरंभ हो गया। इस चरण में राज्य के 16 जिलों में फैली 152 विधानसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान की शुरुआत से पहले ही कई इलाकों में मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं, जो इस बार चुनाव के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता और उत्साह को दर्शाती हैं।
निर्धारित समय से पहले ही कतार
Bengal Voting Phase1 : सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगहों पर लोग मतदान शुरू होने के निर्धारित समय से पहले ही कतार में लग गए थे। खासतौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लोगों में मतदान को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, जहां महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का उपयोग करने पहुंचे।

दो स्तरीय सत्यापन प्रणाली
Bengal Voting Phase1 : इस बार चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए दो-स्तरीय सत्यापन प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत मतदान केंद्र परिसर में प्रवेश करने से पहले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान मतदाताओं की पहली जांच कर रहे हैं। इसके बाद मतदान कक्ष में प्रवेश से पहले संबंधित बूथ-स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) द्वारा दूसरी बार पहचान सत्यापित की जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है।
कुछ स्थानों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी
रिपोर्ट लिखे जाने तक अधिकांश स्थानों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा। हालांकि, कुछ मतदान केंद्रों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी खराबी की खबरें भी सामने आईं। पश्चिम बर्दवान जिले के औद्योगिक शहर दुर्गापुर के एक मतदान केंद्र पर ईवीएम की बैटरी निष्क्रिय होने के कारण निर्धारित समय पर मॉक पोलिंग शुरू नहीं हो सकी, जिससे कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई।
इसी तरह, उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी और अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले के बहारामपुर के कुछ बूथों पर भी मॉक पोलिंग समय पर नहीं हो पाई। हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने इन तकनीकी समस्याओं को जल्द ही दूर कर लिया और मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया गया।
इन जिलों में हो रहा है मतदान
पहले चरण में जिन 16 जिलों में मतदान हो रहा है, उनमें उत्तर बंगाल के कूचबिहार, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा शामिल हैं। वहीं दक्षिण बंगाल के मुर्शिदाबाद, पूर्व मिदनापुर, पश्चिम मिदनापुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्दवान और बीरभूम जिलों में भी मतदान जारी है।
सात जिलों पर विशेष निगरानी
इन 16 जिलों में से सात जिलों को सुरक्षा की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील मानते हुए भारत निर्वाचन आयोग की विशेष निगरानी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या गड़बड़ी को रोका जा सके।
पहले चरण का मतदान अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, इंडिया रिजर्व बटालियन और विभिन्न राज्यों की सशस्त्र पुलिस शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के हजारों जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।

सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग
सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे मतदान प्रक्रिया पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सके। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त विशेष पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता और पुलिस पर्यवेक्षक एन.के. मिश्रा लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ये सभी अधिकारी बुधवार रात तक केंद्रीय पर्यवेक्षक कार्यालय में मौजूद रहे और मतदान से पहले की अंतिम तैयारियों की समीक्षा करते रहे।

दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को
Bengal Voting Phase1 : पश्चिम बंगाल में पहले चरण के बाद शेष 142 विधानसभा सीटों के लिए दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कराया जाएगा, जबकि पूरे चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में पहले चरण का मतदान राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
कुल मिलाकर, कड़े सुरक्षा इंतजाम, तकनीकी निगरानी और मतदाताओं के उत्साह के बीच पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से जारी है, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है।








