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Iran Ship Attack : ईरान का बड़ा दावा- इजरायल से जुड़े जहाज पर ड्रोन हमला, आग लगी

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Iran Ship Attack: IRGC Claims Drone Strike on Israel-Linked Vessel

Iran Ship Attack : समुद्री रास्तों पर खतरा: हॉर्मुज में ईरान का बड़ा एक्शन

तेहरान, 4 अप्रैल। Iran Ship Attack : मध्य पूर्व में जारी तनाव और सैन्य टकराव के बीच Islamic Revolutionary Guard Corps (आइआरजीसी) ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसकी नौसेना ने इजरायल से जुड़े एक वाणिज्यिक जहाज को ड्रोन हमले के जरिए निशाना बनाकर उसमें आग लगा दी। यह घटना क्षेत्र में तेजी से बढ़ते संघर्ष और समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताओं को जन्म दे रही है।

महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर किया हमला

आइआरजीसी नौसेना के अनुसार, यह हमला रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz में किया गया, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल परिवहन होता है। आइआरजीसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। इसके साथ ही, अपनी आधिकारिक एजेंसी Sepah News के माध्यम से जारी बयान में कहा गया कि बहरीन स्थित Khalifa Bin Salman Port पर “एमसीएस इशिका” नामक एक जहाज को निशाना बनाया गया, जिसे इजरायल से जुड़ा बताया गया है।

तीसरे देश के झंडे के तहत संचालित हो रहा था

Iran Ship Attack : ईरान का दावा है कि यह जहाज किसी तीसरे देश के झंडे के तहत संचालित हो रहा था, जिससे उसकी वास्तविक पहचान छिपाई जा सके। आइआरजीसी के अनुसार, इस पर “शक्तिशाली प्रोजेक्टाइल” यानी उच्च क्षमता वाले हथियारों से हमला किया गया, जिसके कारण जहाज में भीषण आग लग गई। ईरान ने इस हमले को पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की 95वीं कड़ी बताया है, जो यह दर्शाता है कि यह कार्रवाई किसी एकल घटना का हिस्सा नहीं बल्कि एक व्यापक सैन्य रणनीति के तहत की जा रही है।

आइडीएफ ने किया हमले का दावा

Iran Ship Attack : दूसरी ओर, Israel Defense Forces (आइडीएफ) ने भी शनिवार को जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए कहा कि उसने ईरान की राजधानी Tehran में कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। आइडीएफ के अनुसार, इन हमलों में आइआरजीसी के एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल भंडारण केंद्र और हथियार अनुसंधान एवं उत्पादन से जुड़े प्रतिष्ठानों को टारगेट किया गया। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने और उसके हमलावर ढांचे को बाधित करने की रणनीति का हिस्सा है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह भी रिपोर्ट सामने आई है कि शुक्रवार को अमेरिकी सेना के दो लड़ाकू विमान ईरानी हमले की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इनमें से एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता बताया जा रहा है। इस घटना ने क्षेत्र में पहले से ही मौजूद तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है।

अमेरिका के हमले में पांच लोग घायल

Iran Ship Attack : वहीं, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Tasnim News Agency के अनुसार, देश के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत Khuzestan में स्थित कई पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठानों पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में कम से कम पांच लोग घायल हो गए हैं। इन प्रभावित कंपनियों में फजर-1 और 2, रेगल, अमीरकबीर, बंदर इमाम और बुअली सिना जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्र शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

इसके अलावा, Khorramshahr के पास स्थित शलामचेह सीमा व्यापार टर्मिनल भी इन हमलों में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है। सुरक्षा कारणों से Mahshahr Special Petrochemical Zone को एहतियातन खाली करा लिया गया है, ताकि किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।

इस दिन से हो रहे हमले

Iran Ship Attack : गौरतलब है कि 28 फरवरी को Israel और United States ने संयुक्त रूप से ईरान के कई शहरों, जिनमें तेहरान भी शामिल था, पर बड़े पैमाने पर हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और नागरिकों के मारे जाने की खबर सामने आई थी।

इसी के बाद से Iran लगातार जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष अब केवल सीमित सैन्य कार्रवाई तक नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

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