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Iran US Tensions : अमेरिका बनाम ईरान, दावों और हकीकत की जंग तेज, अराघची ने याद द‍िलाया वियतनाम युद्ध

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Iran Slams US Claims, Cites Vietnam War Reality Gap

नई दिल्ली, 20 मार्च। Iran US Tensions : वैश्विक राजनीति में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिकी दावों और जमीनी हकीकत के बीच गहरा अंतर है।

उनका यह बयान न केवल मौजूदा हालात पर सवाल उठाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भरोसे और पारदर्शिता की कमी को भी उजागर करता है।

Iran US Tensions : वियतनाम युद्ध का उदाहरण

अराघची ने Vietnam War का जिक्र करते हुए अमेरिका की रणनीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस तरह उस समय सच्चाई को छिपाकर युद्ध को “जीत” बताया जा रहा था, आज भी वैसा ही माहौल बनाया जा रहा है।

उन्होंने उदाहरण दिया कि जब वियतनाम में अमेरिकी सैनिक लगातार मारे जा रहे थे और हार लगभग तय थी, तब भी जनरल William Westmoreland को बुलाकर यह संदेश दिया गया कि अमेरिका जीत रहा है।

“स्क्रिप्ट वही, बस मंच बदला” – अराघची का तंज

Iran US Tensions : अराघची ने कहा कि आज भी वही रणनीति अपनाई जा रही है—सिर्फ चेहरे और मंच बदल गए हैं। उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth का नाम लेते हुए कहा कि आज भी बयानबाजी हकीकत से काफी दूर है।

यह बयान सीधे तौर पर अमेरिकी नेतृत्व की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।

सैन्य दावों पर सवाल

Iran US Tensions : अराघची ने अमेरिकी दावों को चुनौती देते हुए कहा— जब अमेरिका कहता है कि ईरान की हवाई सुरक्षा खत्म हो गई, तभी F-35 Lightning II को निशाना बनाया जाता है।

जब ईरान की नौसेना को खत्म बताया जाता है, तो USS Gerald R. Ford पीछे हटता है और USS Abraham Lincoln और दूर चला जाता है।

इन उदाहरणों के जरिए उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि जमीनी हकीकत और आधिकारिक बयानों में बड़ा अंतर है।

सोशल मीडिया पर खुला मोर्चा

Iran US Tensions : अराघची ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि “अमेरिकी सरकार कुछ कहती है, जबकि वास्तविकता कुछ और होती है।”

उन्होंने यह भी दोहराया कि दशकों के बाद भी अमेरिका का नारा वही है—“हम जीत रहे हैं”, चाहे परिस्थितियां कुछ भी हों।

ईरान की चेतावनी: “हम पर हमला हुआ तो जवाब भी मिलेगा”

Iran US Tensions : ईरान के विदेश मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान बातचीत के दौरान कभी धोखे से हमला नहीं करता, लेकिन अगर उस पर हमला होता है तो वह बिना किसी संयम के करारा जवाब देगा।

उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के पास Israel की उन योजनाओं की खुफिया जानकारी है, जिनमें ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की बात कही गई है।

“हम सिद्धांतों पर चलने वाले लोग हैं”

Iran US Tensions : अराघची ने अपने बयान में कहा कि ईरान सिद्धांतों और मूल्यों पर आधारित देश है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान कभी छिपकर हमला नहीं करता लेकिन जवाब देने में पीछे भी नहीं हटता। आत्मरक्षा उसका अधिकार है।

बढ़ता टकराव और वैश्विक असर
  • अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच रहा है।
  • सैन्य और कूटनीतिक बयानबाजी में तीखापन बढ़ रहा है।
  • मध्य पूर्व में संघर्ष की आशंका और गहराती जा रही है।
  • वैश्विक ऊर्जा बाजार और सुरक्षा पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
क्या दुनिया एक और बड़े संघर्ष की ओर बढ़ रही है?

Iran US Tensions : सैयद अब्बास अराघची के इस बयान ने साफ कर दिया है कि ईरान अब किसी भी दबाव में झुकने को तैयार नहीं है।

दूसरी ओर, अमेरिका के साथ बढ़ता तनाव आने वाले समय में बड़े भू-राजनीतिक बदलावों का संकेत दे रहा है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कूटनीति इस टकराव को शांत कर पाएगी या दुनिया एक और बड़े संघर्ष की ओर बढ़ेगी।

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