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Motihari Encounter : मोतिहारी में गूंजीं गोलियां, मुठभेड़ में जवान शहीद, दो बदमाश ढेर

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Motihari Encounter: Constable Martyred, Two Criminals Killed

Motihari Encounter : दो गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा बरामद

मोतिहारी, 17 मार्च। Motihari Encounter : बिहार में अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच पूर्वी चंपारण का मोतिहारी एक बार फिर सुर्खियों में आ गया, जब चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गांव में पुलिस और अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में जहां पुलिस ने दो कुख्यात अपराधियों को मार गिराया, वहीं एक बहादुर पुलिस जवान ने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी।

गुप्त सूचना से शुरू हुआ ऑपरेशन

Motihari Encounter : पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर अपने गिरोह के सदस्यों के साथ भारी हथियारों से लैस होकर एक दोस्त के घर में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए रणनीति बनाकर रामडीहा गांव में घेराबंदी कर दी।

जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, अपराधियों को भनक लग गई और उन्होंने खुद को घिरता देख अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक शुरू हुई गोलीबारी से पूरा इलाका दहल उठा और गांव रणभूमि में तब्दील हो गया।

गोलियों की बौछार में घायल हुआ जवान, अस्पताल में टूटी सांसों की डोर

Motihari Encounter : इस भीषण मुठभेड़ के दौरान एक कांस्टेबल को गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

उसकी शहादत ने पूरे पुलिस महकमे को गमगीन कर दिया, लेकिन साथ ही अपराधियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई का संकल्प भी मजबूत किया।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई

Motihari Encounter : अपराधियों की गोलीबारी के बीच पुलिस ने भी आत्मरक्षा में मोर्चा संभाला और मुंहतोड़ जवाब दिया। जवाबी कार्रवाई में चकिया निवासी कुंदन ठाकुर और उसका सहयोगी, मुजफ्फरपुर के साहेबगंज का रहने वाला प्रियांशु कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।

दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस तरह पुलिस ने दो बड़े अपराधियों का खात्मा कर इलाके में राहत की सांस दी।

मुठभेड़ के बाद कार्रवाई तेज

Motihari Encounter : घटना के बाद पुलिस ने मौके से उज्जवल कुमार और संत कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया, जो इस गिरोह की खतरनाक मंशा को दर्शाता है।

बरामद हथियारों में शामिल हैं:
  • एक कार्बाइन
  • दो पिस्टल
  • दो देसी कट्टा
  • पांच जिंदा कारतूस
  • 17 खोखा

यह बरामदगी साफ इशारा करती है कि अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

धमकी से मुठभेड़ तक: पहले ही मिल चुकी थी चेतावनी

पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया कि मारे गए मुख्य आरोपित कुंदन ठाकुर का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चकिया, राजेपुर और नगर थाना क्षेत्रों में कई गंभीर मामले दर्ज थे।

चौंकाने वाली बात यह है कि मुठभेड़ से ठीक एक दिन पहले चकिया थाना के अपर थाना प्रभारी गौरव कुमार के मोबाइल पर नेपाल के नंबर से धमकी भरा कॉल आया था। कॉल करने वाला खुद को कुंदन ठाकुर बता रहा था, जिससे साफ संकेत मिल रहा था कि वह किसी बड़ी साजिश की तैयारी में था।

शहादत और सख्ती का संदेश

Motihari Encounter : इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार पुलिस अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। हालांकि, इस कार्रवाई में एक जवान की शहादत ने सभी को भावुक कर दिया है, लेकिन उसकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी।

यह घटना अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं, और जो भी कानून को चुनौती देगा, उसे इसी तरह अंजाम भुगतना पड़ेगा।

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