Brahmaputra Bridge Inauguration : मिनट में सफर: ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
गुवाहाटी, 14 फरवरी। Brahmaputra Bridge Inauguration : प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को असम की जीवनरेखा कही जाने वाली Brahmaputra River पर बने भव्य कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। यह आधुनिक पुल गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ते हुए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा।

Brahmaputra Bridge Inauguration : करीब 2.86 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) पुल लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। यह पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है।
इसके शुरू होने से गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा, जिससे यातायात और आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भूकंप-सुरक्षित तकनीक से लैस आधुनिक संरचना
Brahmaputra Bridge Inauguration : भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल में बेस आइसोलेशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसमें फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग्स लगाए गए हैं।
इसके अलावा हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स और ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS) लगाया गया है, जो रियल-टाइम निगरानी और शुरुआती क्षति की पहचान सुनिश्चित करेगा।
पूर्वोत्तर को पहली इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा की सौगात
Brahmaputra Bridge Inauguration : इससे पहले प्रधानमंत्री ने असम के मोरान (डिब्रूगढ़ जिला) में राष्ट्रीय राजमार्ग पर 4.2 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ELF) का भी उद्घाटन किया। यह पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा है।
उद्घाटन के बाद Indian Air Force ने भव्य एयर शो प्रस्तुत किया, जिसमें Dassault Rafale, Sukhoi Su-30MKI और Mikoyan MiG-29 जैसे लड़ाकू विमानों ने हाईवे स्ट्रिप पर सफल टेक-ऑफ और लैंडिंग का प्रदर्शन किया।
रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम
Brahmaputra Bridge Inauguration : अधिकारियों के अनुसार, इस ऐतिहासिक अवसर को देखने के लिए लगभग 1 लाख लोग उपस्थित रहे।
यह 4.2 किलोमीटर लंबा कंक्रीट स्ट्रेच सैन्य और नागरिक दोनों विमानों के लिए आपातकालीन रनवे के रूप में काम करेगा। डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट या छाबुआ एयर फोर्स स्टेशन के अनुपलब्ध होने की स्थिति में यह वैकल्पिक लैंडिंग सुविधा प्रदान करेगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करेगा।
पूर्वोत्तर में विकास और सुरक्षा का नया अध्याय
ब्रह्मपुत्र पर बने इस सेतु और आपातकालीन लैंडिंग सुविधा के साथ पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढांचे और रक्षा क्षमता को नई मजबूती मिली है। यह परियोजनाएं विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा — दोनों मोर्चों पर ऐतिहासिक मानी जा रही हैं।







