Infant Organ Donor : मासूम की आखिरी मुस्कान बनी किसी की नई सुबह
तिरुवनंतपुरम, 13 फरवरी। Infant Organ Donor : दर्द और प्रेरणा की एक साथ मिसाल पेश करते हुए, 10 महीने की नन्ही बच्ची एलिन शेरिन अब्राहम ने केरल में सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर बनकर इतिहास रच दिया। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने के बाद भी वह कई जिंदगियों के लिए उम्मीद की किरण बन गई।
सड़क हादसे के बाद ब्रेन डेड घोषित
Infant Organ Donor : मल्लापल्ली (जिला पठानमथिट्टा) की रहने वाली एलिन को एक भीषण सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड घोषित किया गया। अपार दुख के बीच उसके माता-पिता ने साहस दिखाते हुए अंगदान का निर्णय लिया, ताकि उनकी बेटी दूसरों की जिंदगी बचा सके।
उनके इस मानवीय फैसले ने पूरे राज्य को भावुक कर दिया।
नन्हे दिल से कई दिलों को धड़कन
Infant Organ Donor : एलिन की किडनी, लिवर और हार्ट वाल्व दान किए जा रहे हैं। उसकी दोनों किडनी एस.ए.टी. हॉस्पिटल में भर्ती 10 वर्षीय बच्चे को प्रत्यारोपित की जाएंगी। यह अस्पताल तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है।
समय पर ट्रांसप्लांट सुनिश्चित करने के लिए अंगों को सड़क मार्ग से तेजी से पहुंचाया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने सराहा साहस
Infant Organ Donor : राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने परिवार के इस निर्णय को असाधारण साहस और मानवता की मिसाल बताया।
उन्होंने कहा, “बच्चे को खोना सबसे बड़ा दुख है। फिर भी, एलिन शेरिन के माता-पिता ने अपने निजी दर्द को उन परिवारों के लिए उम्मीद में बदल दिया है, जो जीवन रक्षक प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं।”
मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ी है।
दर्द से जन्मी उम्मीद
हालांकि, इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं, लेकिन यह सुकून जरूर है कि एलिन के अंग अब अन्य बच्चों और परिवारों को नई जिंदगी देंगे।
एलिन शेरिन सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि करुणा, साहस और मानवता की अमर मिसाल बन गई है। केरल आज नन्ही बच्ची को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ उसके माता-पिता की दृढ़ता और दयालुता को भी नमन कर रहा है।







