Sanatan Campaign : सुंदरकांड मंडल अभियान का शंखनाद
छत्तरपुर, 14 जनवरी। Sanatan Campaign : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुधवार को छत्तरपुर से सुंदरकांड मंडल कार्यसमिति का विधिवत शुभारंभ किया। इसके साथ ही देशभर में चल रहे सुंदरकांड मंडल अभियान को नई गति मिल गई। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से हिंदू और सनातन धर्म को गहराई से समझने और उसकी रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।
धीरेंद्र शास्त्री ने यह कहा
Sanatan Campaign : कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा— “देश में कास्टवाद नहीं, राष्ट्रवाद होगा। अब तनातनी नहीं, सनातनी रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली सोच से ऊपर उठकर सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का समय आ गया है।
मकर संक्रांति पर दिया आस्था और ऊर्जा का संदेश
Sanatan Campaign : मकर संक्रांति के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि इस दिन सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करता है, इसलिए मकर संक्रांति को भगवान सूर्य का विशेष दिन माना जाता है। यह पर्व सकारात्मक बदलाव और नई ऊर्जा का प्रतीक है।
माघ मेले की पावन परंपरा का स्मरण
Sanatan Campaign : प्रयागराज में चल रहे माघ मेले का उल्लेख करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जिस पवित्र भूमि पर महाकुंभ का आयोजन हुआ, वहीं माघ मेले में संत समाज स्नान कर सर्वकल्याण की कामना करता है। यह हमारी सनातन परंपरा की जीवंत मिसाल है।
आस्था, एकता और सेवा का संकल्प
Sanatan Campaign : उन्होंने बताया कि सुंदरकांड मंडल अभियान देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहा है, जिसका उद्देश्य हिंदू धर्म की आस्था को हर दिल तक पहुंचाना है। बागेश्वर धाम के माध्यम से सनातन गतिविधियां, सामाजिक एकता और सेवा कार्य निरंतर किए जा रहे हैं, ताकि सनातन विचारधारा को व्यापक स्तर पर मजबूती मिले।
युवाओं से विशेष अपील
Sanatan Campaign : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि युवाओं को हिंदू धर्म को समझने की सबसे अधिक आवश्यकता है, क्योंकि वही आने वाली पीढ़ी की दिशा तय करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आज की युवा पीढ़ी और आने वाली अल्फा-बीटा पीढ़ी समझदार है और देश को सही मार्ग पर ले जाएगी।
बांदा में हनुमंत कथा की तैयारियां पूरी
Sanatan Campaign : उन्होंने जानकारी दी कि अब बांदा में हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह कथा 16 जनवरी से शुरू होकर 20 जनवरी तक चलेगी, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक चेतना और आस्था को और बल मिलने की उम्मीद है।







