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Khaleda Zia death : एक्सक्लूसिव : खालिदा जिया की मौत पर राजनीति करना चिंताजनक प्रवृत्ति : शेख हसीना

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Khaleda Zia Death: Sheikh Hasina Slams Politics Over Former PM’s Passing

नई दिल्ली, 7 जनवरी। Khaleda Zia death : बांग्लादेश में चुनावी गतिविधियां तेज होने के बीच पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने बुधवार को अपने राजनीतिक विरोधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया की मौत को राजनीतिक मुद्दा बनाना एक बेहद परेशान करने वाली प्रवृत्ति है।

दरअसल, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कुछ नेताओं द्वारा खालिदा जिया की मौत के लिए शेख हसीना और अवामी लीग को जिम्मेदार ठहराए जाने पर उन्होंने कड़ा पलटवार किया।

Khaleda Zia death : मेरी गहरी संवेदनाएं

विशेष ई-मेल साक्षात्कार में शेख हसीना ने कहा— “पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का निधन बांग्लादेश की राजनीतिक जिंदगी के लिए एक बड़ी क्षति है। भले ही हम राजनीति में अलग-अलग ध्रुवों पर रहे हों, लेकिन सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका और देश के लिए उनके योगदान को नकारा नहीं जा सकता। मैं उनके परिवार और उनके समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं।”

मेरे उपर आरोप निराधार

Khaleda Zia death : उन्होंने कहा— “यह आरोप कि मैं उनकी मौत के लिए जिम्मेदार हूं, पूरी तरह से निराधार है। किसी की मृत्यु को राजनीतिक हथियार बनाना सच की जगह आरोपों को खड़ा करने की एक बेहद चिंताजनक आदत को दर्शाता है। ऐसे समय में बांग्लादेश को विभाजन नहीं, बल्कि गरिमा और सम्मान की आवश्यकता है।”

गौरतलब है कि बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया तीन बार प्रधानमंत्री और लंबे समय तक बीएनपी की अध्यक्ष रहीं। 80 वर्ष की आयु में 30 दिसंबर 2025 को लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया था। अगले दिन उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

पार्टी का लिखित बयान पढ़कर सुनाया

Khaleda Zia death : स्थानीय मीडिया के अनुसार, बीएनपी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य नजरुल इस्लाम खान ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस, सशस्त्र बलों के प्रमुख और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी में पार्टी का लिखित बयान पढ़कर सुनाया।

बीएनपी के बयान में दावा किया गया कि खालिदा जिया को 8 फरवरी 2018 से कथित झूठे मामले में दो साल से अधिक समय तक जेल में रखा गया, जिससे उन्हें समय पर समुचित इलाज नहीं मिल सका और उनकी सेहत लगातार बिगड़ती चली गई।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, नजरुल इस्लाम खान ने कहा— “देश ने देखा कि जो नेता खुद पैदल चलकर जेल में गया था, वह वहां से गंभीर रूप से बीमार और अकेलापन झेलते हुए बाहर आया।”

मोहिबुल हसन ने आरोपों को किया खारिज

Khaleda Zia death : हालांकि, बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए शेख हसीना ने यह सुनिश्चित किया था कि खालिदा जिया को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

चौधरी ने कहा— “वास्तव में, शेख हसीना की सरकार हटने के बाद खालिदा जिया की सेहत तेजी से बिगड़ी। प्रधानमंत्री रहते हुए शेख हसीना ने देश के शीर्ष अस्पतालों में से एक में उनके लिए अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था कराई थी। उनके इलाज के लिए विदेशी डॉक्टरों को भी बुलाया गया और जीवनरक्षक सर्जरी कराई गई, जिसने उन्हें नई जिंदगी दी।”

Khaleda Zia death : उन्होंने आगे कहा— “राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद शेख हसीना ने खालिदा जिया के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्हें जेल की कोठरी में नहीं, बल्कि उनके आवास पर रखा गया और देश-विदेश की उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। यह उनके व्यवहार में झलकती संवेदनशीलता और इंसानियत का प्रमाण है।”

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