हाजीपुर, 4 जनवरी। Bihar Police : बिहार के वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में चोरी की जांच के दौरान पुलिस की बड़ी लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां थानाध्यक्ष और एक दारोगा पर छापेमारी के दौरान बरामद की गई नकदी और आभूषणों को जब्ती सूची में दर्ज किए बिना गायब करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले के खुलासे के बाद वैशाली के पुलिस अधीक्षक ललित मोहन शर्मा ने सख्त कदम उठाते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है।
Bihar Police : की गई थी छापेमारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 30 दिसंबर को लालगंज थाना क्षेत्र के बिलनपुर गांव निवासी रामप्रीत सहनी के घर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई थी। इस कार्रवाई का नेतृत्व लालगंज थानाध्यक्ष एवं पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार कर रहे थे। छापेमारी के दौरान चोरी से संबंधित कुछ सामान बरामद दिखाया गया, जिसमें तीन टीवी, दो जिंदा कारतूस, एक खाली कारतूस तथा तांबा और अन्य धातु के बर्तन शामिल थे।
जब्ती सूची में दर्ज नहीं किया
Bihar Police : हालांकि, जांच में यह आरोप सामने आया कि इसी छापेमारी के दौरान करीब 50 लाख रुपये नकद, लगभग दो किलो सोना और करीब छह किलो चांदी भी बरामद हुई थी, लेकिन इन्हें जब्ती सूची में दर्ज नहीं किया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने इन कीमती सामानों को कथित तौर पर अपने पास रख लिया।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
Bihar Police : आरोपित के रिश्तेदार गेना लाल साहनी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि छापेमारी के समय पुलिस घर से 50 से 60 लाख रुपये नकद, करीब दो किलो सोना और छह किलो चांदी अपने साथ ले गई थी। उन्होंने दावा किया कि कई ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को कीमती सामान ले जाते हुए देखा था।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक वैशाली ने प्रारंभिक जांच कराई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद थानाध्यक्ष संतोष कुमार और सब-इंस्पेक्टर सुमन झा को तत्काल निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि मामले की विभागीय जांच जारी है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







