पटना, 31 दिसंबर। Bihar Employment Promise : बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार एक बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। सरकार युवाओं को एक करोड़ सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने पर तेजी से काम कर रही है। इसके लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक प्रशिक्षण देना है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार चाहती है कि बिहार का युवा मजदूरी के लिए नहीं, बल्कि सम्मानजनक रोजगार के लिए राज्य से बाहर—देश और दुनिया में जाए। उन्होंने बताया कि यह दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से भी मेल खाता है।
Bihar Employment Promise : कुशल युवा सम्मेलन की सराहना
उपमुख्यमंत्री ने कुशल युवा सम्मेलन 2025 की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी के सपने इस पहल के माध्यम से धरातल पर उतरे हैं। अब तक 32 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
उन्होंने याद दिलाया कि एनडीए ने 2020 में 10 लाख सरकारी नौकरियों और 10 लाख रोजगार देने का वादा किया था। सरकार ने पिछले पाँच वर्षों में 52 लाख लोगों को नौकरी और रोजगार प्रदान किए हैं। अब लक्ष्य बढ़ाकर एक करोड़ रोजगार कर दिया गया है।
विकास का नया मॉडल: कोऑपरेटिव से PPP तक
Bihar Employment Promise : सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में कोऑपरेटिव मॉडल और जनता की भागीदारी (PPP) के जरिए विकास को नई दिशा दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि आने वाले पाँच वर्षों में बिहार में 25 नई चीनी मिलें स्थापित की जाएँगी, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी।
डिफेंस कॉरिडोर और कौशल आधारित रोजगार
Bihar Employment Promise : उपमुख्यमंत्री के अनुसार, डिफेंस कॉरिडोर, उद्योग और कौशल आधारित रोजगार अब बिहार की नई पहचान बन रहे हैं। दुनिया के कई देशों को कुशल युवाओं की जरूरत है और बिहार के युवा इस अवसर के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, “अब बिहार के युवा मजदूरी नहीं करेंगे, बल्कि सम्मानजनक नौकरियों के लिए दुनिया भर में अपनी पहचान बनाएँगे।’’
Bihar Employment Promise : उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं की शिक्षा और कौशल वृद्धि के लिए लगातार काम कर रही है। जिलों में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।







