नई दिल्ली, 30 दिसंबर। Delhi Trust Bill : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली मंत्रिमंडल ने छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और व्यापार व दैनिक जीवन को आसान बनाने हेतु ‘दिल्ली जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी प्रदान कर दी है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के जन विश्वास अधिनियम की तर्ज पर, दिल्ली सरकार ने ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
Delhi Trust Bill : छोटे अपराधों पर अब नहीं चलेगा आपराधिक केस
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि राजधानी में अब छोटे, तकनीकी और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के मामलों में आपराधिक मुकदमे समाप्त कर दिए जाएंगे।
इनकी जगह नागरिक दंड, प्रशासनिक जुर्माना और अपील की प्रक्रिया लागू होगी।
उन्होंने कहा कि इस बदलाव से
- कारोबार करना आसान होगा
- नागरिकों को अनावश्यक कानूनी झंझटों से राहत मिलेगी
- अदालतों का बोझ कम होगा
- प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी
- व्यवसाय और नागरिकों के लिए भरोसे को बढ़ावा
विश्वास और सहयोग सर्वोपरि हो
Delhi Trust Bill : उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक का उद्देश्य कठोर दंड देना नहीं, बल्कि संतुलित और प्रभावी प्रशासन स्थापित करना है, जहां नागरिकों और व्यवसायों के प्रति विश्वास और सहयोग सर्वोपरि हो।
यह विधेयक दिल्ली विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
केंद्र के जन विश्वास अधिनियम के अनुरूप
Delhi Trust Bill : मुख्यमंत्री ने बताया कि यह प्रस्ताव जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) अधिनियम 2023/2025 की तर्ज पर तैयार किया गया है, जिसके तहत केंद्र सरकार ने भी छोटे-मोटे, तकनीकी और प्रक्रियागत अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विधेयक का उद्देश्य किसी भी प्रकार की अराजकता को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि दंड में समानुपात सुनिश्चित करना है, ताकि कानून व्यवस्था प्रभावी और न्यायपूर्ण बनी रहे।







