पटना, 18 दिसंबर। Mobile Forensic Vehicles : बिहार में अपराध अनुसंधान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को 34 चलंत फॉरेंसिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन साक्ष्य संग्रहण और अपराध की जांच में तेजी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
फारेंसिक वाहनों का निरीक्षण
Mobile Forensic Vehicles : रवाना करने से पहले मुख्यमंत्री ने फॉरेंसिक वाहनों का निरीक्षण किया और उनमें उपलब्ध आधुनिक जांच उपकरणों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद से राज्य में विधि-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और कानून का राज स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की रही है।
आधुनिक तकनीक से लैस
Mobile Forensic Vehicles : मुख्यमंत्री ने बताया कि आपराधिक मामलों की जांच में तेजी लाने के उद्देश्य से इन 34 नए मोबाइल फॉरेंसिक वाहनों को शामिल किया गया है। ये सभी वाहन अत्याधुनिक तकनीक और जांच संसाधनों से लैस हैं, जिससे अपराध स्थल पर ही त्वरित जांच संभव हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि पहले किसी अपराध की स्थिति में साक्ष्यों को घटनास्थल से फॉरेंसिक लैब तक भेजने में काफी समय लगता था, जिससे जांच में देरी होती थी और पीड़ित परिवारों को असंतोष का सामना करना पड़ता था। अब मोबाइल फॉरेंसिक टीमें मौके पर ही जांच शुरू कर सकेंगी, जिससे समय की बचत होगी और जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
सम्राट चौधरी रहे मौजूद
Mobile Forensic Vehicles : इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा तथा जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।
बिहार सरस मेला का भ्रमण
Mobile Forensic Vehicles : इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में आयोजित बिहार सरस मेला का भ्रमण किया और वहां की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि बिहार सरस मेला का आयोजन 12 दिसंबर से 28 दिसंबर तक किया जा रहा है, जिसमें बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों के कारीगर और उद्यमी भी अपने उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं।
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी ली। उत्पादकों और विक्रेताओं ने बताया कि मेले में रखे गए हस्तशिल्प, लोककला और पारंपरिक व्यंजनों को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और बिक्री संतोषजनक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरस मेला की एक विशिष्ट पहचान है और यहां प्रदर्शित उत्पाद राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।







