नई दिल्ली, 15 दिसंबर। Pahalgam terror attack : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए सात आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को भी आरोपित बनाया गया है। एनआइए ने चार्जशीट में हमले की साजिश, आतंकियों की भूमिका और जुटाए गए ठोस सबूतों का विस्तार से उल्लेख किया है।
चार्जशीट में यह है वर्णन
Pahalgam terror attack : एनआइए द्वारा जम्मू स्थित विशेष एनआइए अदालत में दाखिल की गई 1,597 पन्नों की चार्जशीट में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा/टीआरएफ को एक संगठित आपराधिक और आतंकी इकाई के रूप में नामजद किया गया है। एजेंसी के अनुसार, इस संगठन ने पहलगाम हमले की पूरी साजिश तैयार की, स्थानीय नेटवर्क के जरिए आतंकियों को मदद मुहैया कराई और हमले को अंजाम दिलाने में अहम भूमिका निभाई। यह हमला धर्म के आधार पर किया गया लक्षित आतंकी हमला था, जिसमें 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की निर्मम हत्या कर दी गई थी।
हैंडलर साजिद जट्ट भी मुख्य आरोपित
Pahalgam terror attack : चार्जशीट में पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलर साजिद जट्ट को भी मुख्य आरोपित बनाया गया है। इसके अलावा, एनआइए ने उन तीन पाकिस्तानी आतंकियों को भी आरोपित के तौर पर नामजद किया है, जिन्हें भारतीय सुरक्षा बलों ने जुलाई 2025 में श्रीनगर के दाचीगाम इलाके में चलाए गए ऑपरेशन ‘महादेव’ के दौरान मार गिराया था। इन आतंकियों की पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है।
आतंकवादियों पर लगी ये धाराएं
Pahalgam terror attack : एनआइए ने लश्कर-ए-तैयबा/टीआरएफ और चारों आतंकियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। इसके साथ ही भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने से जुड़ी गंभीर धाराएं भी लगाई गई हैं।
हमले की जड़ें पाकिस्तान में
Pahalgam terror attack : जांच एजेंसी के मुताबिक करीब आठ महीने तक चली गहन, तकनीकी और वैज्ञानिक जांच में यह साफ तौर पर सामने आया है कि इस आतंकी हमले की साजिश की जड़ें पाकिस्तान में हैं। एनआइए का कहना है कि पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ आतंकवाद को प्रायोजित करता रहा है और यह हमला उसी साजिश का हिस्सा था।
आगे की जांच जारी
Pahalgam terror attack : इस मामले में आतंकियों को पनाह देने और उन्हें लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने के आरोप में 22 जून को गिरफ्तार किए गए परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथतड को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपितों ने हमले में शामिल तीनों सशस्त्र आतंकियों की पहचान उजागर की और यह भी स्वीकार किया कि वे पाकिस्तानी नागरिक थे तथा प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे। एनआइए ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
22 अप्रैल को हुआ था हमला
Pahalgam terror attack : गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए इस आतंकवादी हमले में कुल 26 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था। इन जवाबी कार्रवाइयों में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी।







