पटना, 6 दिसंबर। Bihar liquor seizure : बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद अवैध तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में आबकारी विभाग ने गोपालगंज जिले में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 50 लाख रुपये मूल्य की 4,006 लीटर भारत निर्मित विदेशी शराब (आइएमएफएल) जब्त की है। इस मामले में एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह शराब उत्तर प्रदेश से बिहार में तस्करी के जरिए लाई जा रही थी। तस्करों ने इसे छिपाने के लिए बेहद अनोखा तरीका अपनाया था। शराब की पेटियों को सड़े हुए आलू की बोरियों के नीचे छिपाकर एक ट्रक में लाया जा रहा था, ताकि बाहरी रूप से ट्रक एक सामान्य सब्जी-वाहन लगे और किसी को संदेह न हो।
बलथरी चेकपोस्ट पर कार्रवाई
Bihar liquor seizure : यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर स्थित बलथरी चेकपोस्ट पर की गई। आबकारी अधीक्षक अमृतेश कुमार झा को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश से बिहार की ओर एक ट्रक में भारी मात्रा में शराब की खेप पहुंचाई जा रही है। सूचना मिलते ही उन्होंने एक विशेष टीम गठित की और चेकपोस्ट पर सभी वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए।
आलू की परतों के नीचे थी शराब
Bihar liquor seizure : कुछ देर बाद सड़े हुये आलू से भरा एक ट्रक चेकपोस्ट पर पहुंचा। माल की हालत और दुर्गंध को देखकर अधिकारियों को शक हुआ। टीम ने तत्काल ट्रक को रोका और जब गहन तलाशी ली गई, तो आलू की परतों के नीचे भारी मात्रा में छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं। कुल 4,006 लीटर शराब जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
ट्रक चालक गिरफ्तार
Bihar liquor seizure : इस पूरे मामले में हिमाचल प्रदेश के शिमला निवासी ट्रक चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने लखनऊ में यह ट्रक अपने कब्जे में लिया था और उसे निर्देश दिए गए थे कि इस खेप को बिहार के एक निश्चित स्थान तक पहुंचाया जाए।
बड़े गिरोह का नाम आ सकता है सामने
Bihar liquor seizure : अधिकारी अब इस मामले में तस्करी के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन, फाइनेंसरों और बिहार में संभावित डिलीवरी पॉइंट्स की गहन जांच कर रहे हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान कई बड़े नाम और गिरोह सामने आ सकते हैं, जो बिहार में शराब तस्करी के इस रैकेट को चला रहे हैं।
गौरतलब है कि बिहार में 2016 से शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर शराब की तस्करी करने की कोशिश करते रहते हैं। हालांकि, आबकारी विभाग और पुलिस लगातार ऐसे नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए अभियान चला रही है।
जांच अभियान होगा तेज
Bihar liquor seizure : अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी राज्य भर में चेकिंग अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि अवैध शराब कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।







