नई दिल्ली, 5 दिसंबर। Putin Modi meeting : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में एक द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत पीएम मोदी के संबोधन से हुई, जिसके बाद पुतिन ने भी विचार साझा किये। इस दौरान पुतिन ने विशेष रूप से धन्यवाद दिया कि मोदी ने यूक्रेन संकट के समाधान के लिए उनकी पहल को गंभीरता से लिया।
पुतिन ने किया धन्यवाद और सहयोग का भरोसा
Putin Modi meeting : पुतिन ने कहा — “आपने मुझे बुलाने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं यूक्रेन में हो रही घटनाओं के बारे में पूरी जानकारी साझा कर सकता हूँ। हम अमेरिका समेत अन्य साझेदारों के साथ मिलकर एक संभव शांति समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इस परिस्थिति का समाधान खोजने के लिए आपने ध्यान दिया — इसके लिए आपका धन्यवाद।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत और रूस के बीच संपर्क और सहयोग का इतिहास बहुत पुराना है, लेकिन सिर्फ शब्द नहीं बल्कि “बात का सार” मायने रखता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मोदी की व्यक्तिगत रुचि और साझेदारी ने दोनों देशों के रिश्तों को आज मजबूत आधार दिया है।
पुतिन ने यह भी बताया कि भारत–रूस संबंध सिर्फ राजनीतिक या सैन्य नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहे हैं — जैसे कि हाई-टेक एयरक्राफ्ट, स्पेस एक्सप्लोरेशन (अंतरिक्ष अन्वेषण), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि।

मोदी का दृष्टिकोण: शांति और दोस्ती पर जोर
Putin Modi meeting : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछली कई बैठकों के दौरान दोनों देशों के बीच समन्वय और सहयोग फलदायी रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि पुतिन की पहली भारत यात्रा 2001 में हुई थी — आज इस पहली यात्रा को 25 साल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि उस यात्रा ने भारत–रूस रणनीतिक साझेदारी की नींव डाली थी, और आज वह भरोसा, विश्वास और दोस्ती अब भी कायम है।
मोदी ने कहा कि यूक्रेन संकट पर भारत ने हमेशा लगातार संवाद बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि “विश्व का कल्याण और स्थिरता शांति के मार्ग से ही संभव है।” उन्होंने दोहराया कि भारत किसी पक्ष में नहीं है — भारत का पक्ष है शांति का — और वह हर प्रयास का समर्थन करता है जो युद्ध को रोकने, संवाद को आगे बढ़ाने और शांति बहाल करने की दिशा में हो।
उन्होंने कहा कि हाल-फिलहाल विश्व ने कोविड के दौरान, आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से जूझा है। अब समय है कि विश्व समुदाय मिलकर पुनर्निर्माण, विकास और सहयोग की दिशा में आगे बढ़े। मोदी ने भरोसा जताया कि आज की बातचीत से रूस–भारत संबंधों को आर्थिक, तकनीकी और रक्षा — तीनों क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी।

बैठक का व्यापक महत्व
Putin Modi meeting : इस बैठक के दौरान ये स्पष्ट हुआ कि रूस और भारत दोनों ही चाहते हैं कि यूक्रेन संकट को बातचीत, कूटनीति और शांतिपूर्ण समझौतों के माध्यम से हल किया जाए। पुतिन का धन्यवाद और मोदी का दृढ़ समर्थन इस बात का संकेत है कि भारत–रूस साझेदारी सिर्फ आर्थिक या रक्षा सीमित नहीं बल्कि एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें विश्व शांति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी और विकास — सभी घटकों को महत्व दिया जा रहा है।
बातचीत के दौरान यह भी उम्मीद जताई गई कि आने वाले समय में भारत और रूस के बीच आर्थिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग, और विश्व शांति व स्थिरता के प्रयास और मजबूत होंगे।
Putin Modi meeting : इस प्रकार, यह बैठक न सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात थी, बल्कि एक संकेत — कि संघर्ष के बीच में भी संवाद और समझौता संभव है; और जब बड़े देश दोस्ती, भरोसे और कूटनीति के साथ आगे आते हैं, तो संकट का समाधान भी संभव हो सकता है।







