मधुबनी, 3 दिसंबर। Madhubani Sand Art : मधुबनी जिले के 53वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित मधुबनी महोत्सव इस बार एक खास वजह से और यादगार बन गया। वाटसन हाई स्कूल के खेल मैदान परिसर में अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने रेत से ऐसी कलाकृति रची, जिसने न सिर्फ लोगों का दिल जीत लिया, बल्कि उन्हें स्वच्छता के प्रति सोचने और बदलने के लिए भी प्रेरित कर दिया।
10 फीट ऊंची कलाकृति
Madhubani Sand Art : लगभग 12 टन (12,000 किलो) बालू से तैयार की गई यह कलाकृति करीब 10 फीट ऊंची थी। इसमें एक सुंदर महिला की प्रतिमा के साथ दो डस्टबिन बनाए गए—एक नीले रंग का (सूखा कचरा) और दूसरा हरे रंग का (गीला कचरा)। इनका उद्देश्य लोगों को कचरे के सही प्रबंधन और अलग-अलग कचरा डालने की आदत के प्रति जागरूक करना था।
स्वच्छ गांव, स्वच्छ शहर का नारा
Madhubani Sand Art : रेत पर उकेरा गया “स्वच्छ गांव, स्वच्छ शहर” का नारा और “स्वच्छ मधुबनी, स्वस्थ मधुबनी” का संदेश पूरे माहौल में एक सकारात्मक ऊर्जा भर रहा था। दूर-दूर से आए दर्शक इस अनोखी कला के सामने रुककर तस्वीरें खिंचवाते नजर आए और कलाकार की सोच व कल्पनाशक्ति की जमकर तारीफ की।

समाज को बेहतर दिशा देना है मकसद
Madhubani Sand Art :मधुरेंद्र कुमार ने बताया कि उनका मकसद केवल कला दिखाना नहीं, बल्कि समाज को एक बेहतर दिशा देना है। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति अपने घर, गली और मोहल्ले को साफ रखने की जिम्मेदारी समझ ले, तो पूरा जिला और देश अपने आप स्वच्छ हो जाएगा।
इस मौके पर दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त कौशल किशोर, एसपी योगेन्द्र कुमार, डीडीसी सुमन प्रसाद साह, सदर एडीओ चंदन कुमार झा समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्थल पर पहुंचकर इस अद्भुत सैंड आर्ट को देखा और कलाकार मधुरेंद्र कुमार को उनकी शानदार पहल के लिए बधाई दी।
गहरी छाप छोड़ गया यह आर्ट
Madhubani Sand Art : यकीनन मधुबनी महोत्सव में यह सैंड आर्ट लोगों के दिलों में एक गहरी छाप छोड़ गया और स्वच्छता का संदेश नई मजबूती के साथ हर किसी तक पहुंचाया।







