नई दिल्ली, 5 अक्टूबर। PM Modi : विज्ञान भवन में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आइटीआइ (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) के टॉपर छात्रों को सम्मानित किया। केंद्र सरकार ने कुछ साल पहले आइटीआइ छात्रों को दीक्षांत समारोह देने की परंपरा शुरू की थी। आज हम इस महान परंपरा का एक अतिरिक्त अध्याय देख रहे हैं। इस दौरान उन्होंने बिहार के युवाओं की सराहना की। मोदी ने कहा कि भारत विश्व में सबसे युवा देश है। बिहार उन राज्यों में से एक है जहां जनसंख्या सबसे युवा है। इसलिए बिहार के युवाओं की क्षमता बढ़ती है तो देश की ताकत भी बढ़ती है।
सभी को दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “मैं भारत के कोने-कोने से हमारे साथ जुड़ने वाले सभी युवा आइटीआइ छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देता हूँ।” यह समारोह भारत में कौशल विकास का महत्व दिखाता है। आज देश भर के युवाओं के लिए दो और महत्वपूर्ण शिक्षा और कौशल विकास परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ है। ”
श्रम को प्रतिष्ठा दें
PM Modi : प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस दीक्षांत समारोह का विचार यह था कि जब तक हम श्रम को सम्मान नहीं देंगे, योग्य लोगों को सार्वजनिक जीवन में सम्मान नहीं मिलेगा, तो वे शायद अपने आप को कम महसूस करेंगे। उनका कहना था कि भारत कौशल और ज्ञान का देश है। यही हमारी सबसे बड़ी बुद्धि है। इटीआइ संस्थान न सिर्फ औद्योगिक शिक्षा के प्रमुख संस्थान हैं, बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं का सामर्थ्य और बढ़ाने के लिए एनडीए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। आज बिहार के युवाओं के सशक्तीकरण को समर्पित एक विशाल आयोजन हो रहा है। यह दर्शाता है कि एनडीए सरकार बिहार के युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
‘पीएम-सेतु’ का शुभारंभ
PM Modi : इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में 62,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की युवा-केंद्रित योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश से देशभर में एक हजार सरकारी आइटीआइ के उन्नयन के लिए ‘पीएम-सेतु’ का शुभारंभ किया।
बिहार को योजनाओं का तोहफा
PM Modi : पीएम मोदी ने खासकर बिहार को योजनाओं का तोहफा दिया। उन्होंने संशोधित ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता’ योजना का शुभारंभ किया, जिसके तहत दो साल के लिए 5 लाख स्नातकों को एक हजार रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा। बिहार में जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का भी उद्घाटन किया गया। बिहार के चार विश्वविद्यालयों में नई शैक्षणिक और अनुसंधान सुविधाओं की आधारशिला रखी गई। इसके अलावा बिहटा में एनआइटी पटना के नए परिसर का उद्घाटन किया गया।







