पटना, 08 अगस्त। free travel : रक्षाबंधन के दिन अगर बहनें अपने भाई को राखी बांधने की सोच रही हैं और उनके पास पैसे नहीं हैं… तो ऐसी बहनों को परेशान होने की जरूरत नहीं है! जी हां, सीएम नीतीश कुमार के विजन पर परिवहन विभाग ने इस समस्या का समाधान कर दिया है। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार सरकार ने माताओं और बहनों को सौगात दी है। ये सौगात उन माताओं और बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी है, जो अपने भाई की कलाई पर रखी बांधने के लिए बिहार भर में कहीं भी जाना हैं। ऐसी माता और बहनों अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने जाने के लिए बस वालों को पैसे नहीं देने होंगे।
इन बसों में दो दिन बहनों की यात्रा मुफ्त
free travel : इस विशेष पहल के तहत बहनें पिंक, साधारण और डीलक्स बसों में बिना टिकट यात्रा कर सकेंगी। यह सुविधा 9 अगस्त (शनिवार) सुबह से 10 अगस्त (रविवार) देर रात तक लागू रहेगी। सफर के दौरान किसी भी तरह का किराया देने की आवश्यकता नहीं होगी।
दूसरे जिलों के लिए की गई है ये व्यवस्था
free travel : जो बहनें अपने भाई को राखी बांधने के लिए दूसरे जिले जाना चाहती हैं, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके लिए भी व्यवस्था की है। बीएसटीसी की बसें पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया समेत 6 क्षेत्रीय कार्यालयों और 18 डिपो से चलेंगी। विभिन्न रूटों पर चलने वाली बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की सभी बसों को मुफ्त कर दिया गया है। यह सेवा दो दिनों के लिए लागू रहेगी। बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से ये सेवा हर किसी को दी गई है। चाहे महिला छात्रा हो, कामकाजी हो या गृहिणी। बसों में सभी आयु वर्ग की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगी।
किसी तरह की फॉमिलिटी की आवश्यकता नहीं
free travel : परिवहन विभाग और सीएम नीतीश कुमार की यह पहल न केवल महिलाओं के लिए रक्षाबंधन पर एक तोहफा है, बल्कि उनकी सुरक्षित और सुलभ यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक अहम कदम भी है। यात्रा का फायदा उठाने के लिए कोई विशेष पंजीकरण आवश्यक नहीं है। बस महिला यात्री को बस में चढ़ना है और वह अपने गंतव्य तक बिना किराया चुकाए पहुंच सकेगी।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







