राजेश्वर जायसवाल, मोतिहारी। Bihar : बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर चिराग पासवान द्वारा अपनी सरकार पर सवाल खड़े करने के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। एक तरफ जदयू ने चिराग पर हमले तेज कर दिए हैं तो दूसरी ओर राज्य के विपक्षी दल भी चिराग पासवान पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं। रविवार को तो प्रशांत किशोर तक ने चिराग पासवान पर तंज कस दिया। कहा कि इतनी चिंता है तो बिहार में एनडीए की सरकार से अलग क्यों नहीं हो जाते। अब देखना है कि चिराग पासवान इन पलटवारों का कैसे जवाब देते हैं या अगला कदम क्या उठाते हैं।
यह लगाया है आरोप
Bihar : बताते चलें कि चिराग पासवान ने नीतीश कुमार सरकार पर आरोप लगाया कि मुझे शर्म आती है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूँ..। उन्होंने कहा कि बिहार में एक के बाद एक आपराधिक घटनाओं की श्रृंखला सी बन गई है। प्रशासन अपराधियों के सामने पूरी तरह नतमस्तक है। प्रशासन या तो आपराधिक घटनाओं पर लीपापोती कर रहा है या तो कंट्रोल कर पाना इनके वश में नहीं है। साथ में यह भी जोड़ा कि अपराधी पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं।
प्रशासन को निकम्मा बताया था
Bihar : चिराग पासवान ने प्रशासन को पूर्णतः निकम्मा बता दिया है। उन्होंने बता दिया कि अपराध पर नियंत्रण पाना जरूरी है, नहीं तो इस तरह बिहार और बिहारियों की जिन्दगी से खिलवाड़ ठीक नहीं है। चिराग ने बयान क्या दिया कि केन्द्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने उनपर पलटवार कर दिया और लालू यादव के शासन काल की घटनाओं की याद दिला दी।
मांझी ने पलटवार में यह कह दिया
Bihar : मांझी ने कहा कि चिराग ने जंगलराज वाला दौर देखा नहीं है इसलिए वे कानून व्यवस्था को खराब बता रहे हैं। लालू-राबड़ी देवी के शासनकाल में कानून व्यवस्था इतनी खराब हो चुकी थी कि हाईकोर्ट ने इसे जंगलराज बताया था। आज हाईकोर्ट ऐसा कुछ नहीं कहता है।
Bihar : मांझी ने आगे कहा कि 44 वर्षों से मैं राजनीति में हूं। मैंने देखा है कि कैसे 2005 से पहले बिहार में हर अपराध का समझौता एक-अणे मार्ग में होता था। कहीं भी अपहरण हो, उसका समझौता वहीं होता था। आज एक अणे मार्ग में ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि आज अपराधियों को बचाया नहीं जाता है। पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार करती है। उनको सजा दिलाई जाती है। माना जा रहा है कि यह सियासी रसाकस्सी है और चिराग पासवान बिहार की राजनीति में अपना दबदबा स्थापित करना चाहते हैं







