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Diet Nursarai : डायट नूरसराय यौन उत्पीड़न मामले में बड़ी कारवाई, हटाई गईं फरहत जहां

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Diet Nursarai

संवाददाता, नालंदा। Diet Nursarai : डायट नूरसराय में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डायट नूरसराय में यौन शोषण के मामले को दबाने के लिए प्रभारी प्राचार्य को जिम्मेदार माना गया है। उन्हें पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें डायट अरवल के केवल व्याख्याता के पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है।

इस मामले में शनिवार को बिहार कांग्रेस एवं अखिल भारतीय अति पिछड़ा अधिकार मंच ने शिक्षा विभाग के द्वारा डायट नूरसराय, नालंदा के यौन उत्पीड़न मामले में प्रारंभ की गई कारवाई पर संतोष व्यक्त किया गया।

मंच के संयोजक कुमार बिंदेश्वर सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि शिक्षा विभाग के सचिव सह निदेशक, एस सी ई आर टी, बिहार के आदेश के द्वारा डायट नूरसराय नालंदा में यौन शोषण के मामले को दबाने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेवार माना है और संस्थान के प्रभारी प्राचार्य के दायित्व से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। आदेश में अंकित है कि इन्हें प्रशासनिक कारणों से पद मुक्त किया जा रहा है और स्थानांतरित करते हुए डायट अरवल के केवल व्याख्याता के पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है।

यह है मामला

Diet Nursarai : विदित हो कि 20 मई 2025 को यौन उत्पीड़न के मामले प्रकाश के आने के बाद भी फरहत जहां के द्वारा इसपर लीपापोती का प्रयास किया गया। अति पिछड़े वर्ग के पीड़ितों को आरोपी व्याख्याता सह पुरुष छात्रावास के वार्डन के द्वारा धमकाया गया और परिवाद वापस लेने का दबाव बनाया गया। प्रभारी प्राचार्य के द्वारा राहुल कुमार को गंभीर आरोप के बावजूद अवकाश पर भेज कर संस्थान से बदर नहीं किया गया बल्कि मूल्यांकन कार्य के प्रतिनियुक्ति कर पटना भेज दिया गया ताकि मामला ठंडा होने पर पुनः पुराना रवैया अपनाया जा सके।

दूषित हो गया था संस्थान का माहौल

Diet Nursarai : प्रभारी प्राचार्य के इस पक्षपातपूर्ण आचरण से संस्थान का शैक्षणिक और प्रशासनिक माहौल दूषित हो गया था और कुछ व्याख्याताओं को बेवजह तरजीह दिए जाने से लोगों के असंतोष का माहौल व्याप्त था। ज्ञातव्य हो कि आरोपी व्याख्याता डॉ राहुल कुमार को पूर्व में ही डायट नूरसराय से डायट जहानाबाद भेज दिया गया है, लेकिन प्रभारी प्राचार्य के मनमानी के कारण आरोपी व्याख्याता अब तक संस्थान से वीरमीत नहीं किया गया है। इसे विभाग द्वारा बहुत गंभीरता से लिया गया है।

ट्रांसफर कोई सजा नहीं होती

Diet Nursarai : बिहार कांग्रेस के शशि भूषण पंडित ने कहा है कि ट्रांसफर कोई सजा नहीं होती है। उन्हें इन दोनों दोषियों और महिला छात्रावास वार्डन अर्चना यादव पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई का इंतजार है। इसके लिए हरसंभव प्राधिकारों के पास न्याय के लिए संगठन के पदाधिकारी जाएंगे और पीड़ितों को सरकार से नियमानुकूल अनुमान्य मुआवजा भी दिलवाएंगे।

जनसुराज के प्रवक्ता की प्रशंसा

Diet Nursarai : इस संघर्ष में लगातार सक्रिय भूमिका के लिए जन सुराज के प्रदेश प्रवक्ता डॉ अमित पासवान की प्रशंसा की गई जिनके नेतृत्व में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले को नई दिशा दी गई। समाजसेवी गौतम कुमार सिंह, पूर्व विधान पार्षद रामबली सिंह चंद्रवंशी की भूमिका भी सराहना की गई। अरवल के विधायक महानद सिंह को भी धन्यवाद दिया गया, जिन्होंने विधानसभा के समक्ष इस मामले में निवेदन प्रस्तुत किया है।

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