संवाददाता, नालंदा। Bihar : नूरसराय के डायट में अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं। शिकायत है कि डायट को वहां की प्रभारी फरहत जहां ने भ्रष्टाचार और नियम विरुद्ध संस्थान संचालन का मॉडल बना दिया है। एक ओर जहां नूरसराय के पुरुष छात्रावास वार्डन राहुल कुमार की ओर से संस्थान के कर्मियों के साथ यौन उत्पीड़न का मामला गरम होता जा रहा है वहीं प्रभारी प्राचार्य फरहत जहां की ओर से एडमिशन में धांधली का मामला उजागर हो गया है।
मंशा उजागर
Bihar : यौन उत्पीड़न के मामलों को दबाने वाली प्रभारी प्राचार्य की मंशा तब उजागर हो गई जब कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल एससीईआरटी के निदेशक सज्जन आर से 9 जून 2025 को मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए डायरेक्टर साहब ने प्रतिनिधि मंडल के समक्ष ही फरहत जहां को फोन लगा डाला और स्पीकर ऑन करके बातें करने लगे ताकि यह साबित हो सके कि उनके पास अभी अभी यह मामला आया है।
फरहत जहां ने सभी आरोपों को स्वीकार करते हुए कहा कि मैने ईमेल से 3 जून 2025 को रिपोर्ट भेज दिया है। इस पर डायरेक्टर साहब भड़क गए और कहा कि ईमेल से ऐसे गम्भीर मामले का रिपोर्ट क्यों भेजा जब मैं अवकाश पर था। क्या इसे मैनेज करना चाहते है ? इस पर प्रभारी प्राचार्य द्वारा कहा गया कि मीडिया को मैनेज कर किया गया है। राहुल कुमार को वार्डेन से हटा दिया गया है।
तब एससीईआरटी के डायरेक्टर को हटा दिया गया
Bihar : प्रतिनिधिमंडल के समक्ष यह रहस्योद्घाटन से डायरेक्टर साहब झेंप गए और इसी 9 जून को त्रि सदस्यीय जांच कमिटी गठित कर दी। परंतु अगले दिन 10 जून को मिडिया में रिपोर्ट आ जाने पर मामला शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों तक पहुंच गया। मुख्य मंत्री के गृह जिले के ऐसी शर्मनाक घटना को देखते हुए इसी दिन डायरेक्टर, एससीईआरटी सज्जन आर साहब की छुट्टी कर दी गई और नव पदस्थापित सचिव दिनेश कुमार भा प्र से को निदेशक का प्रभारएससीईआरटी मिला है। अभी तक एससीआरटीई के त्रि सदस्यीय जांच कमिटी का रिपोर्ट का इंतजार है।
सात इबीसी छात्रों के नामांकन में हेराफेरी
Bihar : इस बीच डायट नूरसराय प्रकरण में नया मोड़ आ गया है, वर्ष 2021— 23 सेशन के सात इबीसी छात्रों का नामांकन में वर्तमान प्रभारी प्राचार्य द्वारा हेरफेर की बात सामने आया है। फरहत जहां के विरुद्ध नामांकन प्रभारी के रूप में 7 ई बी सी मेरिटधारी छात्रों का नामांकन से वंचित कर अयोग्य उर्दू भाषा के अपने चहेतों का नामांकन का आरोप लगाकर डायरेक्टर, शोध एवं प्रशिक्षण, शिक्षा विभाग परिवाद दायर किया गया था। इस परिवाद को जांच हेमचंद्र, तत्कालीन डी पी ओ शिक्षा, नालंदा के द्वारा किया गया । जांच में आरोपों को प्रमाणित पाया गया और फरहत जहां के विरुद्ध कारवाई हेतु अनुशंसा भेजी गई।
पोर्टल के पास इसकी प्रति उपलब्ध
Bihar : पोर्टल के पास इसकी प्रति उपलब्ध है। परन्तु, भ्रष्टाचार के खेल में माहिर फरहत जहां ने अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर जांच रिपोर्ट को कूड़ेदान में फेका डाला। आज पुनः वह जांच रिपोर्ट जीवित हो गई है और कांग्रेस इबीसी विभाग ने पुनः डायरेक्टर के समक्ष इसके संदर्भ में कारवाई के लिए मांग किया है। देखना होगा अब शिक्षा विभाग क्या निर्णय लेती है बहरहाल, संस्थान के महिला छात्रावास से पुरुषों का अवैध कब्जा खाई हो चुका है। संस्थान की मटन पार्टी पर अभी विराम लग गया है जिसका आरोप राहुल कुमार ने अपने स्पष्टीकरण के द्वारा लगाया था। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि यदि विभाग कारवाई करने में विलंब करती है तो नालंदा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर विरोध प्रकट किया जाएगा।
राहुल कुमार पर छात्रा ने लगाया आरोप
इसी बीच एक और गंभीर बात सामने आई है। एक छात्रा है, उसके पिताजी शिक्षक हैं। उनका परिवार संगत पर के बगल में नूरसराय में किराये के मकान में रहता है। उसी मकान में डाइट का लेक्चरर राहुल कुमार भी रहता था।
राहुल कुमार पर प्रताड़ना का आरोप
Bihar : राहुल कुमार पर छात्रा ने आरोप लगाया कि इन्होंने मुझे मेरे साथ गलत किया। शारीरिक और मानसिक रूप से मुझे प्रताड़ित किया। राहुल कुमार वहां से मकान छोड़ दिया। फिर भी उस लड़की को संस्थान में प्रताड़ित कर रहा था। इस संबंध में जब पर फरहत जहां के समक्ष छात्रा के माता-पिता शिकायत करने आए तो फरहत जहां ने राहुल कुमार का पक्ष लेते हुए कोई काम नहीं किया और उल्टा छात्रा को ही मानसिक रूप से विक्षिप्त करार दिया। यह भी बहुत गंभीर बात है। नियम के अनुसार फरहत जहां को कम से कम राहुल कुमार से स्पष्टीकरण पूछना चाहिए था और इस मामले को संस्थान द्वारा बनाए गए सेक्सुअल हैरेसमेंट कमेटी के समक्ष रखना चाहिए था अन्यथा स्थानीय थाने को आवेदन फॉरवर्ड करना चाहिए था परंतु उसके द्वारा ऐसा नहीं किया गया।







