संवाददाता, मोतिहारी। Bihar : कला-संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार द्वारा नामित विषय विशेषज्ञ एवं रिसोर्स पर्सन प्रसाद रत्नेश्वर ने राज्यभर के कला – संस्कृति पदाधिकारियों प्रशिक्षण देते हुए बताया कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत अनमोल है। यह हमारी पहचान भी है।
बिहार सरकार के ज़िला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कला की पृष्ठभूमि से आए अधिकारी हैं। उनसे अपेक्षा है कि वे लोक- संस्कृति के अस्तित्व एवं उसकी मौलिकता को बचाए रखने के लिए शोधकार्य करें। अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद विरासतों एवं धरोहरों की प्रमाणिकता एवं उनके राष्ट्रीय महत्व से लोगों को अवगत कराएं।
बिहार के मेलों, त्योहारों, पर्यटन -स्थलों एवं उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर लाने के लिए हर संभव प्रयास करें। बिहार में इसकी प्रचुर संभावनाएं हैं।

प्रशिक्षण दिया
इसी प्रकार क्षेत्रीय कला – प्रतिभाओं की समय से पहचान कर मंच उपलब्ध कराना कलाकार, कला एवं राज्य तीनों के हित में है। पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, कोलकाता ,संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के कलाविद सदस्य एवं साहित्यकार प्रसाद रत्नेश्वर ने कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के बुलावे पर गुरुवार को दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान, पटना जाकर प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रसाद रत्नेश्वर की चार पुस्तकें हुई हैं लोकार्पित
हाल ही में 17 मई को नई दिल्ली स्थित कन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के मंच पर मोतिहारी के रहने वाले प्रसिद्ध साहित्यकार प्रसाद रत्नेश्वर की साहित्यिक उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया। दिल्ली में प्रवासी बिहारियों की एक प्रमुख सांस्कृतिक- साहित्यिक संस्था बिहार महोत्सव समिति ने अपने बैनर तले ‘ प्रसाद रत्नेश्वर पुस्तक लोकार्पण समारोह ‘ का भव्य आयोजन कर प्रसाद रत्नेश्वर की सद्य: प्रकाशित चार पुस्तकों का गणमान्य अतिथियों से विमोचन कराया।
ये हैं चार पुस्तकें
समारोह में प्रसाद रत्नेश्वर की चार किताबें— बेचिरागी ( हिन्दी कविता – संग्रह ), लड़कियों के कपड़े ( हिन्दी ग़ज़ल- संग्रह ), निलही कोठी ( पाँच मंचीय नाटकों का संग्रह ) एवं थारु : विश्व की एक नई सभ्यता ( शोध – पत्र – संग्रह ) का लोकार्पण संजय मयूख, सदस्य, बिहार विधान परिषद, पटना,डॉ. निवेदिता झा, प्रसिद्ध कवयित्री व लेखिका, महेंद्र प्रसाद सिंह, वरिष्ठ नाट्यकर्मी, नीरज कुमार, सहायक आयुक्त,एमसीडी, दिल्ली, तनवीर हसन,फिल्मकार ने संयुक्त रूप से किया।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







