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TRE-4 Protest : ‘अधिकार मांग रहे हैं, भीख नहीं’… टीआरई-4 को लेकर पटना की सड़कों पर छात्रों का हल्लाबोल

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TRE-4 Protest: Bihar Students Face Water Cannons in Patna

पटना, 25 अगस्त। TRE-4 Protest : बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 की एकल परीक्षा कराने समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर मंगलवार को राजधानी पटना में छात्रों का बड़ा और उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। गांधी मैदान से शुरू हुआ छात्रों का मार्च धीरे-धीरे डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गया, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। बड़ी संख्या में छात्र पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा घेरे और बैरिकेडिंग को पार करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया।

वाटर कैनन से पानी की तेज बौछार के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर डटे रहे और लगातार नारेबाजी करते रहे। बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कार्रवाई की। इस दौरान कई छात्रों को हिरासत में भी लिया गया। प्रदर्शन के कारण पटना के गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा और आसपास के प्रमुख इलाकों में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

गांधी मैदान से शुरू हुआ छात्रों का मार्च

TRE-4 Protest :  टीआरई-4 की परीक्षा एकल चरण में आयोजित करने और अन्य लंबित प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र मंगलवार को गांधी मैदान क्षेत्र में एकत्र हुए। यहां से छात्रों ने सामूहिक रूप से मार्च शुरू किया और सरकार तथा संबंधित आयोगों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे।

छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन पहले से ही सतर्क था। गांधी मैदान और डाकबंगला चौराहे के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी और विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की व्यवस्था की गई थी।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों का जत्था लगातार आगे बढ़ता रहा और कई छात्र सुरक्षा घेरे को पार करते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या और उनके आगे बढ़ने की कोशिश को देखते हुए पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की।

बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश, फिर चला वाटर कैनन

TRE-4 Protest :  डाकबंगला चौराहे के पास उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड को पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने छात्रों को रोकने और पीछे हटने की अपील की, लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे रहे।

स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछार से प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की गई। इसके बावजूद कई छात्र मौके पर डटे रहे और नारेबाजी जारी रखी। छात्रों का कहना था कि वे अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और किसी भी दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं।

बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस कार्रवाई के दौरान कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग अपनी मांगों को लेकर नारे लगाता रहा।

तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे छात्र, नारेबाजी और प्रदर्शन

TRE-4 Protest :  मंगलवार को हुए इस प्रदर्शन के दौरान कई छात्र अपने हाथों में तिरंगा लेकर सड़क पर दिखाई दिए। कुछ प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे, जबकि कई छात्र उत्साह के साथ नृत्य करते हुए भी नजर आए। प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए है।

छात्रों ने कहा कि वे किसी प्रकार की हिंसा या अराजकता के पक्ष में नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा समयबद्धता सुनिश्चित करे।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, परीक्षा कैलेंडर में बदलाव, परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं और पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार को इन मुद्दों पर स्पष्ट नीति और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए।

TRE-4 Protest: Bihar Students Face Water Cannons in Patna

मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी और एसएसपी

TRE-4 Protest :  प्रदर्शन की गंभीरता और डाकबंगला चौराहे पर उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा भी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों से स्थिति की जानकारी ली।

अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और मौके पर मौजूद पुलिस बल को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को समझाने और शांतिपूर्ण तरीके से पीछे हटने के लिए भी कहा गया।

हालांकि, छात्रों का कहना था कि जब तक उनकी बात सरकार तक नहीं पहुंचती और उनकी मांगों पर गंभीर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

‘हम अधिकार मांग रहे हैं, भीख नहीं’

TRE-4 Protest :  प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे कोई भीख नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।

छात्रों का कहना था कि लाखों युवाओं का भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं पर निर्भर है। ऐसे में यदि परीक्षाएं समय पर नहीं होतीं या भर्ती प्रक्रिया वर्षों तक लंबित रहती है तो युवाओं के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाता है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे चाहते हैं कि टीआरई-4 की परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाए। इसके अलावा, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली देरी और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर भी जवाबदेही तय की जाए।

बीएसएससी परीक्षा में देरी पर छात्रों ने उठाए सवाल

TRE-4 Protest :  प्रदर्शनकारी छात्रों ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग से जुड़ी परीक्षाओं में देरी को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि बीएसएससी की कुछ भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन वर्षों पहले जारी किया गया था, लेकिन अभी तक परीक्षा प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

छात्रों ने कहा कि भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद परीक्षा आयोजित होने में वर्षों की देरी होने से युवाओं को मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा आयोजित होने में देरी के कारण उनका भविष्य अनिश्चित होता जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने कथित पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि यदि किसी परीक्षा को लेकर प्रश्नपत्र लीक होने या परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के आरोप सामने आते हैं तो सरकार और संबंधित आयोगों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

‘चुनाव समय पर हो सकते हैं तो परीक्षाएं क्यों नहीं?’

TRE-4 Protest :  छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनाव के समय सरकारी मशीनरी निर्धारित समय पर काम करती है और बड़े पैमाने पर प्रशासनिक व्यवस्था की जाती है, लेकिन जब प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं की भर्ती का सवाल आता है तो लगातार देरी देखने को मिलती है।

छात्रों ने सवाल उठाया कि यदि बड़े प्रशासनिक कार्य समय पर पूरे किए जा सकते हैं तो प्रतियोगी परीक्षाओं को तय समय पर आयोजित करने में देरी क्यों होती है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा कैलेंडर को गंभीरता से लागू किया जाए और विज्ञापन जारी होने के बाद परीक्षा तथा परिणाम की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो।

वाटर कैनन और पुलिस कार्रवाई पर छात्रों ने उठाए सवाल

TRE-4 Protest :  प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस द्वारा वाटर कैनन के इस्तेमाल और बैरिकेडिंग को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे और सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे।

छात्रों का कहना था कि उनकी कोशिश थी कि प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचकर अपनी मांगें रख सके। लेकिन रास्ते में बैरिकेडिंग और पुलिस कार्रवाई किए जाने से आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ गई।

कई छात्रों ने कहा कि बड़े से बड़ा बैरिकेड छात्रों के हौसले को नहीं रोक सकता। उनका कहना था कि यदि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

सरकार तक मांग पहुंचाने की कोशिश

TRE-4 Protest :  प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सड़क पर विरोध करना नहीं है, बल्कि सरकार और संबंधित अधिकारियों तक अपनी मांगों को पहुंचाना है। वे चाहते हैं कि टीआरई-4 की एकल परीक्षा कराने के संबंध में जल्द निर्णय लिया जाए।

छात्रों की अन्य प्रमुख मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं को समय पर आयोजित करना, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की जांच करना और पेपर लीक की घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों तक परीक्षा और भर्ती का इंतजार करने वाले युवाओं के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्र हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से तत्काल निर्णय की मांग

TRE-4 Protest :  प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी अपनी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की। छात्रों का कहना था कि बिहार के लाखों युवा भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि टीआरई-4 की परीक्षा व्यवस्था को लेकर जल्द स्पष्ट निर्णय लिया जाए और छात्रों की मांग के अनुसार एकल परीक्षा आयोजित करने पर गंभीरता से विचार किया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा। सरकार और संबंधित आयोगों को ठोस निर्णय लेकर परीक्षा कार्यक्रम को स्पष्ट करना होगा।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज करने की चेतावनी

TRE-4 Protest :  प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों का कहना था कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और जरूरत पड़ने पर बिहार के अन्य जिलों के छात्रों को भी आंदोलन से जोड़ा जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि टीआरई-4 की एकल परीक्षा उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है और इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी तथा कथित पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

छात्रों का कहना था कि लंबे समय से परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है। यदि परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन का दायरा और बढ़ सकता है।

प्रदर्शन से यातायात व्यवस्था प्रभावित

TRE-4 Protest :  मंगलवार को राजधानी पटना में छात्रों के बड़े प्रदर्शन का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। गांधी मैदान से लेकर डाकबंगला चौराहे और आसपास के इलाकों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ और पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस-प्रशासन को यातायात सामान्य बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

पटना की सड़कों पर दिनभर छात्रों की आवाज गूंजती रही। एक ओर पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटा रहा, वहीं दूसरी ओर छात्र अपने भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन करते रहे।

फिलहाल, टीआरई-4 की एकल परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, कथित पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही को लेकर छात्रों का आंदोलन बिहार की राजनीति और प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार और संबंधित आयोगों के अगले कदम पर टिकी है। यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।

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