पटना, 25 जुलाई। Bihar Band Protest : नीट पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुलाए गए ‘बिहार बंद’ के दौरान राजधानी पटना में शनिवार को तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। प्रदर्शन के दौरान रामगुलाम चौक और एग्जिबिशन रोड ओवरब्रिज के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। इसी बीच कुछ स्थानों पर पथराव की घटना सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन बाद में प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।
मोबाइल टावर पर चढ़े प्रदर्शनकारी, बढ़ा तनाव
‘बिहार बंद’ के दौरान पटना के रामगुलाम चौक पर प्रदर्शन तेज हो गया था। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी एक मोबाइल टावर पर चढ़ गए, जिससे मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। टावर पर चढ़े प्रदर्शनकारियों को नीचे उतारने की कोशिश की गई, लेकिन इस दौरान वहां तनावपूर्ण माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर भीड़ लगातार बढ़ रही थी और नारेबाजी तेज हो गई थी। इसी बीच कथित रूप से पत्थरबाजी की घटना हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और भीड़ को पीछे हटाने की कोशिश की।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा खुद पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। उन्होंने स्थिति पर नजर रखी और पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया गया और इलाके में व्यवस्था बहाल करने की कोशिश शुरू की गई।
सड़क पर उतरे राजनीतिक कार्यकर्ता, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
Bihar Band Protest : ‘बिहार बंद’ को समर्थन देने के लिए कई राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी पटना के रामगुलाम चौक पर हुए प्रदर्शन में शामिल हुए।
तेज प्रताप यादव ने सुबह समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और आम लोग सरकार से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है।
उन्होंने छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने भी शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया और छात्रों की समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
नीट विवाद से जुड़ी नाराजगी ने लिया आंदोलन का रूप
‘बिहार बंद’ का आह्वान वामपंथी दलों से जुड़े छात्र संगठन आइसा और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (आरवीईए) की ओर से किया गया था। आंदोलनकारियों का कहना है कि नीट पेपर लीक मामले ने देशभर के छात्रों के भरोसे को प्रभावित किया है।
प्रदर्शनकारी इस मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली में छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का विरोध भी आंदोलन का एक प्रमुख मुद्दा रहा।
छात्र संगठनों का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। इसी मांग को लेकर उन्होंने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया, जिसमें कई राजनीतिक संगठनों ने भी भागीदारी की।
पटना के अलावा कई जिलों में दिखा बंद का असर
Bihar Band Protest : राजधानी पटना के अलावा बिहार के कई अन्य जिलों में भी ‘बिहार बंद’ का असर देखने को मिला। समस्तीपुर, छपरा, सीवान और जहानाबाद समेत कई जगहों पर प्रदर्शन हुए।
वामपंथी दलों से जुड़े कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरे तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की।
हालांकि, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रशासन पहले से सतर्क नजर आया। बंद को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई थी और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही थी।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई थी। पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया और लगातार गश्त की गई।
पटना समेत अन्य जिलों में प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी पटना में हुई घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। फिलहाल प्रशासन की नजर प्रदर्शन से जुड़े इलाकों पर बनी हुई है, ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
छात्रों के मुद्दों से शुरू हुआ आंदोलन, अब बनी राजनीतिक बहस
‘बिहार बंद’ ने एक बार फिर छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। परीक्षा प्रक्रिया, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों ने आंदोलन को व्यापक रूप दिया है।
जहां प्रदर्शनकारी इसे छात्रों के अधिकारों की लड़ाई बता रहे हैं, वहीं प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बता रहा है। पटना की सड़कों पर हुई झड़प ने इस आंदोलन को और चर्चा में ला दिया है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच संवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।






