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Fake Medicines Factory : नकली दवाओं के काले कारोबार पर एसटीएफ का बड़ा प्रहार, फैक्ट्री से निकला जहरीला नेटवर्क का सच

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देहरादून, 19 जुलाई। Fake Medicines Factory :  उत्तराखंड में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले नकली दवा कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने ऊधमसिंहनगर जिले के बाजपुर औद्योगिक क्षेत्र में छापेमारी कर नकली एलोपैथिक दवाइयां बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है।

कार्रवाई के दौरान टीम ने एक ऐसी फैक्ट्री का खुलासा किया, जहां नामी-गिरामी दवा कंपनियों के ब्रांड का इस्तेमाल कर नकली और अवैध दवाइयां तैयार की जा रही थीं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और देश की प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के नाम का गलत इस्तेमाल कर बाजार में नकली दवाओं की सप्लाई कर रहा था।

कोविल बायोटैक पर छापा, लाखों की संख्या में नकली दवाइयां बरामद

एसटीएफ और औषधि प्रशासन की टीम ने बाजपुर स्थित Kovil Biotech पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में नकली एलोपैथिक दवाइयां, पैकिंग सामग्री और निर्माण से जुड़े उपकरण बरामद किए गए।

मौके से बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी धीरेंद्र पुत्र ब्रह्म सिंह को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी कथित तौर पर आयुर्वेदिक और फूड लाइसेंस की आड़ में एलोपैथिक दवाइयों का अवैध निर्माण कर रहा था।

आरोपी पर आरोप है कि वह Stadmed, Macleods Pharmaceuticals, Intas Pharmaceuticals और Sun Pharmaceutical Industries जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर नकली दवाइयां तैयार कर रहा था।

जीवन रक्षक दवाओं तक पहुंचा नकली कारोबार, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

जांच में सामने आया कि इस गिरोह द्वारा बनाई जा रही नकली दवाइयां सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर उपचारों तक में इस्तेमाल होने वाली थीं। छापेमारी में करीब एक लाख टैबलेट और 15 हजार सिरप की बोतलें बरामद हुईं।

बरामद दवाओं में अम्लता, एंटीबायोटिक, दर्द निवारक, नसों से जुड़ी बीमारियों, प्रोस्टेट, कैल्शियम और आयरन की कमी जैसी समस्याओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां शामिल थीं।

विशेषज्ञों के अनुसार, नकली दवाइयां मरीजों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं, क्योंकि इनमें सही मात्रा में सक्रिय तत्व न होने या गलत सामग्री मिलाए जाने की आशंका रहती है। इससे बीमारी का इलाज प्रभावित होने के साथ मरीजों की जान तक खतरे में पड़ सकती है।

गोदाम में मिला दूसरा राज, नकली दवाओं के साथ अवैध शराब का भंडार

एसटीएफ ने आरोपी की निशानदेही पर एनएच-74 स्थित एक गोदाम में भी छापा मारा। यहां जांच टीम को नकली दवाओं के अलावा अवैध शराब का बड़ा जखीरा मिला।

गोदाम से तैयार नकली दवाइयों के साथ शराब की बोतलें, उत्तराखंड आबकारी विभाग के होलोग्राम, रैपर, ढक्कन और पैकिंग सामग्री बरामद की गई। इससे जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी का नेटवर्क केवल नकली दवाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि अवैध शराब के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने हरियाणा से अवैध शराब मंगाकर उत्तराखंड में सप्लाई करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

मशीनों से लेकर पैकिंग सामग्री तक मिला पूरा फर्जी उत्पादन तंत्र

छापेमारी में एसटीएफ को फैक्ट्री के अंदर नकली दवाइयां बनाने का पूरा सेटअप मिला। मौके से कई तरह की दवाइयां, निर्माण मशीनें और पैकिंग उपकरण बरामद किए गए।

बरामद सामग्री में अल्कासोल, सेफीफीन-200, सनक्लेव, गैबैपिन, वेल्टम, रुबर्ड सस्पेंशन, ऑस्टोकैल्शियम बी12 और सोमप्राज जैसी दवाइयां शामिल हैं। इसके अलावा पैकेजिंग मशीनें, एसएस टैंक, फिलिंग मशीन, सीलिंग मशीन और लेबलिंग मशीन भी जब्त की गई हैं।

जांच अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में उपकरण और पैकिंग सामग्री मिलने से यह साफ संकेत मिलता है कि यहां लंबे समय से बड़े स्तर पर नकली दवाओं का उत्पादन किया जा रहा था।

शराब तस्करी का भी खुलासा, हजारों बोतलें और होलोग्राम जब्त

कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े कई अहम सबूत भी जुटाए हैं। टीम ने 1,632 क्वार्टर मैकडॉवेल नंबर-1 शराब, 1,016 बोतल तृतीय आरसीएस शराब, करीब 1,000 खाली कांच की बोतलें और उत्तराखंड आबकारी विभाग के होलोग्राम बरामद किए।

आशंका जताई जा रही है कि खाली बोतलों और होलोग्राम का इस्तेमाल अवैध शराब की पैकिंग और बिक्री के लिए किया जा सकता था। इस मामले में आबकारी विभाग की ओर से भी अलग से कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

नेटवर्क की तलाश जारी, कई और चेहरे हो सकते हैं बेनकाब

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बाजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, अवैध शराब की बरामदगी को लेकर आबकारी अधिनियम के तहत अलग कार्रवाई की जा रही है।

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है। टीम अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली दवाइयों और अवैध शराब का यह कारोबार कितने समय से चल रहा था और इसकी सप्लाई किन-किन क्षेत्रों तक की जा रही थी।

जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का संदेश

उत्तराखंड एसटीएफ की इस कार्रवाई ने नकली दवा और अवैध शराब के कारोबारियों को कड़ा संदेश दिया है। आम लोगों की जिंदगी से जुड़े ऐसे मामलों में प्रशासन की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि नकली दवाइयां और जहरीली शराब दोनों ही समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।

आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ इस गिरोह से जुड़े कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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