President Murmu Visit : नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 से 25 जुलाई 2026 तक पूर्वी यूरोप के तीन महत्वपूर्ण देशों—मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया—की राजकीय यात्रा पर रहेंगी। यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि भारत की विदेश नीति, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राष्ट्रपति की यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया की यात्रा करने वाली वह भारत की पहली राष्ट्रपति होंगी, जबकि रोमानिया की यात्रा तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति द्वारा की जा रही है।
मोल्दोवा से शुरू होगी ऐतिहासिक यात्रा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 20 जुलाई को मोल्दोवा पहुंचेंगी। यह यात्रा मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सैंडू के आधिकारिक निमंत्रण पर हो रही है। भारत और मोल्दोवा के बीच राजनयिक संबंध वर्षों से सौहार्दपूर्ण रहे हैं, लेकिन किसी भारतीय राष्ट्रपति का यह पहला दौरा दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।
मोल्दोवा प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु अपनी समकक्ष माइया सैंडू के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके अलावा राष्ट्रपति मोल्दोवा की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसु से भी मुलाकात करेंगी। इस दौरान संसदीय सहयोग को मजबूत बनाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच संवाद बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श होगा।
व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
President Murmu Visit : मोल्दोवा यात्रा के दौरान राष्ट्रपति भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को भी संबोधित करेंगी। इस मंच पर दोनों देशों के उद्योगपतियों और निवेशकों के बीच व्यापारिक संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही वह मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगी।
राष्ट्रपति वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद करेंगी। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के जरिए भारत अपने प्रवासी नागरिकों के साथ जुड़ाव को और मजबूत करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत और मोल्दोवा के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। राष्ट्रपति की यह यात्रा इन क्षेत्रों में ठोस साझेदारी का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
उत्तरी मैसेडोनिया में पहली बार पहुंचेगा भारतीय राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 21 और 22 जुलाई को उत्तरी मैसेडोनिया के राजकीय दौरे पर रहेंगी। यह भी एक ऐतिहासिक अवसर होगा क्योंकि किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली यात्रा होगी।
उत्तरी मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोरडाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा में दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊंचाई देने पर जोर रहेगा।
राष्ट्रपति मुर्मु अपनी समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इसके अलावा वह प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की तथा देश की संसद (असेंबली) के अध्यक्ष से भी मुलाकात करेंगी। राष्ट्रपति को उत्तरी मैसेडोनिया की संसद को संबोधित करने का भी अवसर मिलेगा, जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आर्थिक साझेदारी पर रहेगा विशेष फोकस
President Murmu Visit : उत्तरी मैसेडोनिया प्रवास के दौरान राष्ट्रपति भारत-उत्तरी मैसेडोनिया बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी। इस दौरान दोनों देशों के कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर विशेष चर्चा होगी।
भारत और उत्तरी मैसेडोनिया कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी तथा आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के इच्छुक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती दे सकती है और निवेश के नए अवसर पैदा कर सकती है।
रोमानिया दौरा: तीन दशक बाद नई शुरुआत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपनी यात्रा के अंतिम चरण में 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया का दौरा करेंगी। यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि तीन दशक से अधिक समय के बाद कोई भारतीय राष्ट्रपति रोमानिया की आधिकारिक यात्रा पर जा रहा है।
रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर डैन के निमंत्रण पर होने वाली इस यात्रा में राष्ट्रपति मुर्मु कई महत्वपूर्ण नेताओं से मुलाकात करेंगी। इनमें राष्ट्रपति निकुशोर डैन, अंतरिम प्रधानमंत्री इली बोलोजान, सीनेट के अध्यक्ष मिर्सिया अब्रुडीन और चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडेनु शामिल हैं।
इसके अलावा वह रोमानिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगी, जिससे दोनों देशों के संसदीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में सकारात्मक संदेश जाएगा।
भारत-रोमानिया व्यापार संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार
President Murmu Visit : रोमानिया यात्रा के दौरान राष्ट्रपति भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी। इस मंच पर व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण चर्चाएं होने की संभावना है।
राष्ट्रपति वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगी और उनके अनुभवों तथा सुझावों को जानेंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार रोमानिया यूरोपीय संघ में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। भविष्य में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में होने वाली प्रगति दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बना सकती है।
पूर्वी यूरोप में भारत की बढ़ती सक्रियता
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह तीन देशों का दौरा केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भारत की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत देश यूरोप के उभरते और महत्वपूर्ण क्षेत्रों के साथ अपने संबंधों को व्यापक बना रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने पूर्वी यूरोप के देशों के साथ व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है। राष्ट्रपति की यह यात्रा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
कूटनीति से लेकर कारोबार तक, हर मोर्चे पर नई संभावनाएं
President Murmu Visit : इस पूरे दौरे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों, प्रधानमंत्रियों, संसद अध्यक्षों, उद्योगपतियों और भारतीय समुदाय के सदस्यों से संवाद करेंगी। इससे राजनीतिक विश्वास बढ़ने के साथ-साथ व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारियों का रास्ता खुलेगा।
विदेश नीति के जानकारों का मानना है कि यह यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता को और मजबूत करेगी। साथ ही पूर्वी यूरोप के देशों के साथ भारत के रिश्तों को नई दिशा और नई ऊर्जा मिलेगी। आने वाले वर्षों में इन देशों के साथ सहयोग के नए अवसर सामने आने की पूरी संभावना है, जिससे भारत की वैश्विक उपस्थिति और प्रभाव दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।






