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lakshmi Narayan Mahayagya : 1051 कन्याओं की कलश यात्रा से गूंज उठा नवीन गांधी नगर, श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, देखें वीडियो

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lakshmi Narayan Mahayagya Begins Kalash Yatra in Motihari

lakshmi Narayan Mahayagya : हाथी-घोड़े, गाजे-बाजे और जयघोष के बीच निकली शोभायात्रा, गंडक तट से पवित्र जल लेकर लौटीं कन्याएं 

मोतिहारी, 16 जुलाई। lakshmi Narayan Mahayagya : पूर्वी चंपारण जिले के दक्षिणी हुसैनी पंचायत स्थित नवीन गांधी नगर गांव बुधवार को पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंग गया। नौ दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शुभारंभ 1051 कुंवारी कन्याओं की भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सुबह से ही गांव में आस्था और उत्साह का ऐसा माहौल बना कि हर गली-चौराहे पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हाथी-घोड़ों की अगुवाई, गाजे-बाजे की धुन, शंखनाद और “हर-हर महादेव” व “जय श्री लक्ष्मी नारायण” के गगनभेदी जयघोष से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा।

महायज्ञ को लेकर गांव के लोगों में कई दिनों से उत्साह था। बुधवार सुबह जैसे ही यज्ञ मंडप से कलश शोभायात्रा निकली, पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर हो गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी 1051 कुंवारी कन्याएं सिर पर कलश धारण कर अनुशासित कतारों में चल रही थीं। उनके पीछे हजारों की संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे।

जहां-जहां से गुजरी यात्रा, श्रद्धालुओं ने की पुष्पवर्षा

lakshmi Narayan Mahayagya : शोभायात्रा यज्ञ स्थल से निकलकर हुसैनी मिडिल स्कूल, कस्बा टोला, जलवा टोली, रामपुर खजूरिया और दुबौली बांध सहित कई गांवों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। कई स्थानों पर शरबत और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। महिलाएं मंगलगीत गा रही थीं, जबकि युवा धार्मिक ध्वज लेकर यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे।

शोभायात्रा में शामिल हाथी और घोड़े लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। बैंड-बाजों की मधुर धुन, ढोल-नगाड़ों की गूंज और जयघोष के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। यात्रा को देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग जमा रहे और कई श्रद्धालुओं ने इस भव्य दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया।

गंडक नदी के पावन तट पर हुआ कलश पूजन

lakshmi Narayan Mahayagya : शोभायात्रा डुमरियाघाट पुल के समीप गंडक नदी के पावन तट पर पहुंची। यहां विद्वान आचार्यों के निर्देशन में वैदिक विधि-विधान से मां गंगा की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद 1051 कुंवारी कन्याओं सहित हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र जल से अपने-अपने कलश भरे।

पूरे घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, समाज में शांति और क्षेत्र के विकास की कामना करते हुए मां गंगा का आशीर्वाद लिया। कलश भरने के बाद सभी श्रद्धालु पुनः भक्ति गीतों और जयघोष के साथ यज्ञ स्थल की ओर रवाना हुए।

वैदिक मंत्रों के बीच शुरू हुआ महायज्ञ

 यज्ञ परिसर पहुंचने के बाद विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ पूजन एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत शुभारंभ कराया। यज्ञ वेदी पर पूजा-अर्चना के दौरान पूरा परिसर “हर-हर महादेव”, “जय श्री लक्ष्मी नारायण” और “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंजता रहा।

यज्ञ स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। विशाल पंडाल, रंग-बिरंगी रोशनी और भगवान लक्ष्मी-नारायण सहित विभिन्न देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं श्रद्धालुओं का मन मोह रही हैं। दर्शन और पूजा के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।

गांव में दिखी सामाजिक एकता की मिसाल

महायज्ञ के आयोजन में पूरे गांव की भागीदारी देखने को मिली। महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते नजर आए। किसी ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था संभाली तो कोई यातायात व्यवस्था में सहयोग करता दिखाई दिया। स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देते रहे।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज में भाईचारा, सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य भी करते हैं। यही कारण है कि आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस महायज्ञ में शामिल होने पहुंचे।

23 जुलाई तक चलेंगे धार्मिक आयोजन और रामलीला

lakshmi Narayan Mahayagya : महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर पांडेय ने बताया कि यह नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन 23 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन यज्ञ, हवन, पूजा-पाठ, प्रवचन और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। देश के विभिन्न स्थानों से आए विद्वान आचार्य श्रद्धालुओं को धर्म और अध्यात्म का संदेश देंगे।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मनोरंजन के लिए वाराणसी से प्रसिद्ध रामलीला मंडली को आमंत्रित किया गया है। यह मंडली प्रतिदिन शाम सात बजे भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित विभिन्न प्रसंगों का मंचन करेगी। समिति का मानना है कि रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

मेले में उमड़ रही भीड़, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह

महायज्ञ के साथ लगे भव्य मेले में भी श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है। मेले में झूले, खिलौने, मिठाइयों की दुकानें, पूजा सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। शाम ढलते ही मेले की रौनक और बढ़ जाती है तथा आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में परिवार यहां पहुंच रहे हैं।

ग्रामीणों के सहयोग से सफल हो रहा आयोजन

lakshmi Narayan Mahayagya : महायज्ञ को सफल बनाने में बैजू लाल यादव, चंदेश्वर यादव, नवल साह, बिंदा साह, अवधेश पासवान, शैलेश पांडेय, चंदन पांडेय, अनिकल यादव, राजन द्विवेदी, संजय यादव, नागेंद्र यादव, संतोष यादव, राजेंद्र यादव, पंकज पांडेय, किशोर यादव और श्याम बाबू यादव सहित दर्जनों ग्रामीण व कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा और पार्किंग सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है।

अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील

आयोजन समिति ने जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की है। समिति का कहना है कि नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक महोत्सव में पूजा-अर्चना, प्रवचन, रामलीला और भक्ति कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

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