पुणे, 11 जनवरी। Tahseen Poonawalla : राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ अदालत जाने के फैसले का समर्थन किया है। साथ ही उन्होंने ईडी की कार्यप्रणाली और महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर तीखे सवाल खड़े किए। वहीं, महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव में ठाकरे ब्रदर्स के साथ आने पर निशाना साधते हुए पूनावाला ने कहा— “ठाकरे परिवार कोई ब्रांड नहीं है। मीडिया उन्हें बड़ा बनाता है। वे अपने दम पर चुनाव नहीं जीत सकते।”
Tahseen Poonawalla : संविधान से हो वफादारी, किसी पार्टी से नहीं
पूनावाला ने कहा कि ममता बनर्जी का कदम सराहनीय है। उन्होंने ईडी अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि सत्ता बदलती रहती है और उनकी वफादारी किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि भारत के संविधान से होनी चाहिए।
“ईडी नहीं, अब ‘बीडी’ बन चुकी है एजेंसी”
Tahseen Poonawalla : पूनावाला ने ईडी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ईडी का नया नाम “बीडी यानी बजरंग दल” रख दिया है। उनका दावा था कि 2014 के बाद 190 से अधिक राजनीतिक मामलों में से करीब 90 प्रतिशत केस विपक्षी नेताओं पर दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने उदाहरण दिया कि जिन नेताओं को कभी जेल भेजने की बातें होती थीं—आज वही भाजपा के साथ गठबंधन में हैं और उनके मामले ठंडे बस्ते में चले गए।
“मनी लॉन्ड्रिंग नहीं, भाजपा की लॉन्ड्रिंग सर्विस”
Tahseen Poonawalla :उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी का काम मनी लॉन्ड्रिंग रोकना था, लेकिन अब वह भाजपा के लिए “लॉन्ड्रिंग सर्विस” की तरह काम कर रही है। पूनावाला ने कहा कि ईडी को किसी संगठन की तरह नहीं, बल्कि एक संवैधानिक संस्था की तरह व्यवहार करना चाहिए।
बीएमसी चुनाव और ठाकरे ब्रदर्स पर सीधा वार
बीएमसी चुनाव में ठाकरे ब्रदर्स के साथ आने पर निशाना साधते हुए पूनावाला ने कहा— “ठाकरे परिवार कोई ब्रांड नहीं है। मीडिया उन्हें बड़ा बनाता है। वे अपने दम पर चुनाव नहीं जीत सकते।”
“मराठी मानुष और मुसलमान के वोट की राजनीति”
Tahseen Poonawalla :उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे परिवार मुंबई के लोगों को “मामू” बनाने के लिए एक साथ आया है। मराठी मानुष और मुस्लिम वोटों के सहारे सत्ता पाने की कोशिश हो रही है।
पूनावाला ने सवाल उठाया कि जिन्होंने कभी मुसलमानों के वोट के अधिकार पर सवाल किए, वही आज उन्हीं वोटों से शासन करना चाहते हैं—वह भी बीएमसी जैसे 70 हजार करोड़ रुपये सालाना बजट वाले निगम के लिए।
न ब्रांड, न विचार—सिर्फ भ्रम की राजनीति
Tahseen Poonawalla : अपने बयान के अंत में तहसीन पूनावाला ने दोहराया कि ठाकरे परिवार कोई ब्रांड नहीं है, बल्कि जनता को भ्रमित कर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है।







