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US Venezuela Action : वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर दुनिया दो धड़ों में बंटी, जानिए कौन किसके साथ

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World Divided Over US Venezuela Action: Who Supports and Who Opposes

नई दिल्ली, 4 जनवरी। US Venezuela Action : वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की हालिया कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तीखी बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे पर वैश्विक समुदाय दो स्पष्ट खेमों में बंटा नजर आ रहा है। जहां कई देश अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ राष्ट्र खुलकर इसके समर्थन में सामने आए हैं। आइए जानते हैं कि किन देशों ने किस पक्ष का साथ दिया है।

US Venezuela Action : इन देशों ने की आलोचना

अमेरिका की कार्रवाई का विरोध करने वाले देशों में रूस, चीन, ईरान, क्यूबा, ब्राजील, मेक्सिको, कोलंबिया, चिली, बेलारूस, उरुग्वे, स्लोवाकिया, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, श्रीलंका, उत्तर कोरिया, घाना और सिंगापुर शामिल हैं। इन देशों का कहना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। गौर करने वाली बात यह भी है कि अमेरिका के भीतर भी ट्रंप प्रशासन के इस कदम को लेकर आलोचनाएं सामने आ रही हैं।

इन देशों ने ठहराया उचित

US Venezuela Action : दूसरी ओर अर्जेंटीना, इजरायल, पेरू, अल सल्वाडोर, इक्वाडोर, अल्बानिया, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन किया है और इसे उचित ठहराया है।

भारत ने अपनाया संतुलित रुख

US Venezuela Action : भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर संतुलित रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि वेनेजुएला में हालिया घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। भारत, हालात पर करीबी नजर रखे हुए है और वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से इस मुद्दे का समाधान करें, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे। साथ ही काराकास स्थित भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के संपर्क में है और हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।

World Divided Over US Venezuela Action: Who Supports and Who Opposes

इटली की प्रधानमंत्री ने यह कहा

US Venezuela Action : इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि इटली वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इटली ने मादुरो की स्वयं घोषित चुनावी जीत को कभी मान्यता नहीं दी और सरकार के दमनकारी कदमों की निंदा की है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तानाशाही शासन को खत्म करने के लिए बाहरी सैन्य हस्तक्षेप सही रास्ता नहीं है, लेकिन नशीली दवाओं की तस्करी जैसे हाइब्रिड खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा के तहत दखल को कुछ हद तक उचित माना जा सकता है। मेलोनी ने वेनेजुएला में रह रहे इटालियन नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

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यह कहा आस्ट्रेलिया ने

US Venezuela Action : ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार वेनेजुएला के हालात पर नजर रखे हुए है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीति को सबसे बेहतर रास्ता मानती है।

अल्बनीज ने लोकतांत्रिक मूल्यों, मानवाधिकारों और बुनियादी स्वतंत्रताओं के सम्मान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वेनेजुएला में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बदलाव का समर्थन करता रहेगा।

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