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Sand Art Record : अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार को एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का सम्मान, देखें वीडियो

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Sand Art Record: Madhurendra Kumar Creates History at Sonpur Mela

सोनपुर, 14 दिसंबर। Sand Art Record : एशिया के सबसे बड़े और ऐतिहासिक सोनपुर मेला में इस वर्ष बिहार के अंतरराष्ट्रीय रेत शिल्पकार मधुरेंद्र कुमार ने इतिहास रच दिया। पौराणिक गज–ग्राह युद्ध और भगवान विष्णु द्वारा सुदर्शन चक्र से ग्राह वध की कथा पर आधारित 50 अनूठी रेत मूर्तियों का निर्माण कर उन्होंने एक ऐसा विश्व रिकॉर्ड बनाया, जिसे एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक मान्यता दी है। यह रिकॉर्ड प्रमाणन संख्या ABWR2405045 के तहत दर्ज किया गया है।

अविनाश डी. सुकुंदे ने दी बधाई

Sand Art Record : एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के इंटरनेशनल चेयरमैन अविनाश डी. सुकुंदे ने ईमेल के माध्यम से मधुरेंद्र कुमार को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और रचनात्मकता ने कला के क्षेत्र में उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है। संगठन की ओर से उन्हें प्रमाण पत्र, मेडल और स्मृति चिन्ह डाक के माध्यम से भेजे गए हैं। संस्था ने इसे सोनपुर मेला के इतिहास में पहली बार किसी सैंड आर्टिस्ट को मिला ऐसा अंतरराष्ट्रीय सम्मान बताया और इसे पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय करार दिया।

एशिया की सबसे विशाल रेत प्रतिमा भी उनके नाम

Sand Art Record : सोनपुर मेला 2022 में भी मधुरेंद्र कुमार ने मुख्य मंच के पास 150 टन बालू से 20 फीट ऊंची और 50 फीट लंबी भव्य रेत प्रतिमा बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। गज–ग्राह वध पर आधारित यह कलाकृति आज भी एशिया की सबसे विशाल प्रदर्शित रेत प्रतिमाओं में गिनी जाती है। इसमें बिहार सरकार का आधिकारिक लोगो भी शामिल था, जो उनकी कला को सरकारी मान्यता का प्रतीक बना।

बचपन से दिखी कला की चमक

Sand Art Record : 5 सितंबर 1994 को पूर्वी चंपारण में जन्मे मधुरेंद्र कुमार की कला प्रतिभा बचपन से ही सामने आने लगी थी। महज तीन वर्ष की उम्र में स्लेट पर बनाई गई बतखों की आकृति ने उनके गुरु बाबा रामचंद्र साह को चकित कर दिया था। वर्ष 1999 में, पांच साल की उम्र में अरुणा नदी तट पर बनाई गई मां सरस्वती, भगवान बुद्ध और भगवान विष्णु की रेत प्रतिमाओं ने उन्हें गांव स्तर पर पहचान दिलाई, जो आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंची।

सोनपुर मेला में सैंड आर्ट को दी नई पहचान

Sand Art Record : कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होने वाले सोनपुर मेला में वर्ष 2005 में मधुरेंद्र कुमार ने पहली बार गज–ग्राह युद्ध पर रेत प्रतिमा बनाकर सैंड आर्ट की परंपरा की शुरुआत की। इसके बाद हर साल उनकी कलाकृतियां गंडक–गंगा संगम तट, हरिहरनाथ मंदिर परिसर, रामायण मंचन स्थल, मुख्य पंडाल और डीएम आवास परिसर सहित मेला के प्रमुख स्थलों की शोभा बढ़ाती रही हैं।

प्रमुख रेत कलाकृतियां और सम्मान

Sand Art Record : मधुरेंद्र की प्रमुख रचनाओं में गज–ग्राह युद्ध, भगवान विष्णु द्वारा ग्राह वध, अयोध्या राम मंदिर, प्रभु श्रीराम–माता सीता, हरिहरनाथ मंदिर, ‘देखो अपना देश’, ‘ग्रीन एंड क्लीन सोनपुर’ और बिहार में पूर्ण शराबबंदी पर जागरूकता संदेश शामिल हैं। इन उत्कृष्ट कृतियों के लिए उन्हें बिहार पर्यटन विभाग और सारण जिला प्रशासन द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका है।

बिहार का नाम वैश्विक मंच पर रोशन

Sand Art Record : भगवान विष्णु की 50 रेत मूर्तियों के इस अद्वितीय रिकॉर्ड ने मधुरेंद्र कुमार को सोनपुर मेला के इतिहास में अमर कर दिया है। साथ ही, उनकी कला ने बिहार की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी मधुरेंद्र कुमार अपने उत्कृष्ट कार्यों के दम पर लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराने वाले दुनिया के पहले भारतीय रेत कलाकार बन चुके हैं।

निस्संदेह, मधुरेंद्र कुमार की यह उपलब्धि न केवल बिहार बल्कि पूरे देश और कला जगत के लिए गर्व का विषय है।

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