मुंबई, 11 दिसंबर। Manoj Bajpayee Book : बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में शुमार मनोज बाजपेयी ने कहा है कि वह अपने अनुभवों को लेकर एक किताब लिखना चाहते हैं, जिसमें उनकी तैयारी, किरदार चुनने की प्रक्रिया और निर्देशकों के साथ काम करने का सफर शामिल होगा। वह मुंबई में आयोजित मेटामॉर्फोसिस कार्यक्रम में बोल रहे थे।
स्क्रिप्ट और किरदारों से गहरा जुड़ाव
Manoj Bajpayee Book : मनोज बाजपेयी ने कहा— मुझे लगता है कि मुझे एक किताब लिखनी चाहिए, जिसमें मैं बता सकूं कि अलग-अलग निर्देशकों की शैली में बने किरदारों को मैं कैसे समझता हूं और उन्हें निभाने के लिए कैसे तैयार होता हूं। जब कोई स्क्रिप्ट मेरे पास आती है तो कई महीनों तक वही मेरी पूरी दुनिया बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि वह दिन-रात स्क्रिप्ट पढ़ते रहते हैं। सुबह-शाम अपने किरदार के बारे में सोचते हैं और किसी भी तरह की उलझन होने पर बार-बार स्क्रिप्ट को पढ़ते और पलटते रहते हैं।
निर्देशक को अंत में केवल परफॉर्मेंस चाहिए
Manoj Bajpayee Book : अपनी तैयारी की प्रक्रिया पर उन्होंने कहा— मैं इस तरह से काम करता हूं, लेकिन इसे किसी से साझा नहीं करता। क्योंकि अंत में निर्देशक को सिर्फ कैमरे पर अच्छा परफॉर्मेंस चाहिए होता है। अभिनेता की तैयारी की प्रक्रिया उन्हें ज्यादा मायने नहीं रखती।
संघर्षों भरी शुरुआत और आत्मनिर्भरता
Manoj Bajpayee Book : अपने शुरुआती दिनों की कठिनाइयों को याद करते हुए उन्होंने कहा— मेरे समय में किसी ने नहीं बताया कि अभिनेता कैसे बनते हैं। मुझे सब कुछ खुद ही सीखना पड़ा। परिवार का साथ भी कम मिला। इसलिए मैंने तय किया कि हर फैसला खुद लूंगा और उसकी जिम्मेदारी भी मैं ही उठाऊंगा।
हर किरदार को जीवन-मरण जैसा मानते हैं
Manoj Bajpayee Book : उन्होंने आगे कहा— हर नया किरदार मेरे लिए जीवन-मरण का सवाल बन जाता है। मैं देखता हूं कि दूसरे अभिनेता उसी रोल को कितनी खूबसूरती से निभाते हैं। मेरे पास कोई बहाना नहीं है। यही मेरा काम है, यही पसंद है और इसे मैं पूरे दिल से करता हूं।







