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Railway Cleanup : तत्काल टिकटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम, रेलवे ने 3.02 करोड़ संदिग्ध यूज़र आइडी की निष्क्रिय

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Railway Cleanup: Indian Railways Deletes 3.02 Crore Suspicious User IDs to Boost Tatkal Availability

नई दिल्ली, 11 दिसंबर। Railway Cleanup : भारतीय रेलवे ने अपनी टिकट बुकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने लगभग 3.02 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी को निष्क्रिय कर दिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नियमित और तत्काल टिकटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए रेलवे ने यूजर अकाउंट्स का कठोर पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन किया। इसी प्रक्रिया में जनवरी 2025 से अब तक 3.02 करोड़ संदिग्ध आइडी को हटाया गया है।

फर्जी यूजर्स रोकने के लिए एंटी-बॉट टेक्नोलॉजी

Railway Cleanup :  रेल मंत्री ने कहा कि फर्जी अकाउंट्स पर रोक लगाने और वास्तविक यात्रियों को सुगम टिकट बुकिंग उपलब्ध कराने के लिए रेलवे ने Akamai जैसी उन्नत एंटी-बॉट तकनीक का उपयोग शुरू किया है।

तत्काल टिकटों में पारदर्शिता—ओटीपी सत्यापन लागू

Railway Cleanup : तत्काल बुकिंग में होने वाले दुरुपयोग को रोकने के लिए भारतीय रेलवे वन-टाइम पासवर्ड (OTP) सत्यापन प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहा है।

4 दिसंबर 2025 तक 322 रेलगाड़ियों में इस सुविधा को लागू किया जा चुका है।

इन ट्रेनों में से लगभग 65% में तत्काल टिकट उपलब्धता का समय बढ़ा है।

इसके साथ ही आरक्षण काउंटरों पर भी आधार-आधारित OTP सिस्टम लागू किया जा रहा है, जो अब तक 211 रेलगाड़ियों में शुरू कर दिया गया है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, इन सुधारों का बड़ा असर 96 लोकप्रिय ट्रेनों पर देखा गया, जिनमें से 95% ट्रेनों में तत्काल टिकट उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

रेलटेल की मदद से साइबर सुरक्षा और मजबूत

Railway Cleanup : रेल मंत्री ने बताया कि साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड व्यापक साइबर इंटेलिजेंस सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसमें शामिल हैं—

  • खतरा निगरानी
  • डीप और डार्क वेब मॉनिटरिंग
  • डिजिटल जोखिम सुरक्षा
  • टेक-डाउन सेवाएं

ये सेवाएं रेलवे को उभरते साइबर खतरों की समयबद्ध और उपयोगी जानकारी देती हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और घटना प्रतिक्रिया समय बेहतर हुआ है।

ohm verma
Author: ohm verma

Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.

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