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Delhi Air Pollution : दिल्ली–एनसीआर में दमघोंटू प्रदूषण, ‘अति गंभीर’ श्रेणी में हवा, अस्पतालों में बढ़ा मरीजों का दबाव

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Delhi Air Pollution Turns Deadly as AQI Stays in ‘Severe’ Zone

नोएडा/नई दिल्ली, 8 दिसंबर। Delhi Air Pollution : राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। दिसंबर की शुरुआत से ही एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘अति गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली के अधिकांश एयर मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 320 से 370 के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में हालात और भी चिंताजनक हैं।

सेहत पर असर

Delhi Air Pollution : प्रदूषित और जहरीली हवा का सबसे ज्यादा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ, दमा, एलर्जी, खांसी, गले में खराश और आंखों में जलन की शिकायतों के साथ पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दिल्ली के लगभग सभी इलाके रेड ज़ोन में पहुंच चुके हैं और अधिकतर एयर क्वालिटी स्टेशन गंभीर व अति गंभीर श्रेणी में दर्ज किए जा रहे हैं।

सामान्य से कई गुना ज्यादा खतरनाक

Delhi Air Pollution : दिल्ली के प्रमुख इलाकों में आनंद विहार, बवाना, अशोक विहार, बुराड़ी क्रॉसिंग, पंजाबी बाग, आरके पुरम, द्वारका, पटपड़गंज, नेहरू नगर और चांदनी चौक जैसे क्षेत्रों में 300 से ज्यादा AQI दर्ज किया गया है। यह स्तर सामान्य से कई गुना ज्यादा खतरनाक माना जाता है, जिसका सीधा असर फेफड़ों और दिल पर पड़ता है।

गाजियाबाद में भी खराब हालात

Delhi Air Pollution : गाजियाबाद की स्थिति भी इससे बेहतर नहीं है। लोनी, इंदिरापुरम, संजय नगर और वसुंधरा जैसे इलाकों में AQI 300 के पार पहुंच चुका है। खास तौर पर लोनी में वायु गुणवत्ता सबसे खराब दर्ज की गई, जहां AQI 380 से ऊपर चला गया है।

नोएडा में भी 1 दिसंबर से लगातार हवा की गुणवत्ता ‘लाल’ श्रेणी में बनी हुई है। पीएम 2.5 का स्तर बेहद खतरनाक बना हुआ है। सेक्टर-125, सेक्टर-1, सेक्टर-116 और सेक्टर-62 जैसे क्षेत्रों में भी AQI 300 से 350 के बीच दर्ज किया गया है। इससे साफ है कि नोएडा के लोग भी गंभीर प्रदूषण की चपेट में हैं।

फिलहाल राहत की संभावना कम

Delhi Air Pollution : मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम है क्योंकि हवा की गति धीमी है और स्मॉग की परत लगातार घनी होती जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इतनी खराब हवा में सांस लेना दमा के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। साथ ही बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह स्थिति बेहद जोखिम भरी है। लंबे समय तक ऐसे वातावरण में रहने से फेफड़ों में संक्रमण और सांस की गंभीर बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।

जरूरत के बिना घर से बाहर न निकलें

Delhi Air Pollution : विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, निकलना जरूरी हो तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें, वहीं बुजुर्ग और बच्चे घर के अंदर ही रहें। साफ हवा के लिए सरकार और प्रशासन की तरफ से भी सख्त कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।

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