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Child Smuggling Bust : बिहार में रेलवे पुलिस की बड़ी कामयाबी: बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश, अपहृत मासूम बरामद

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Child Smuggling Bust in Bihar: Railway Police Rescue Kidnapped Child

पटना, 4 दिसंबर। Child Smuggling Bust : बिहार में रेलवे पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुजफ्फरपुर रेलवे पुलिस की मुस्तैद कार्रवाई में तीन औरतों समेत कुल छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अपहृत मासूम बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। हालांकि, गिरोह का मास्टरमाइंड—एक डॉक्टर—अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

3 अक्टूबर की है घटना

Child Smuggling Bust : रेलवे एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि यह घटना 3 अक्टूबर की रात की है। सुमित कुमार अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ हाजीपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सो रहे थे। सुबह जब उनकी नींद खुली तो उनका एक बेटा गायब था। स्टेशन परिसर में काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला, तब सुमित कुमार ने हाजीपुर रेलवे थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई।

गठित की गई थी एसआइटी

Child Smuggling Bust : मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। जांच के दौरान स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की गई। फुटेज में देखा गया कि घटना के वक्त एक पुरुष और एक महिला सो रहे परिवार के आसपास संदिग्ध रूप से घूमते नजर आए थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए उस समय के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण शुरू किया।

मोबाइल नंबर की हुई पहचान

Child Smuggling Bust : तकनीकी जांच में एक मोबाइल नंबर की पहचान हुई, जो वैशाली जिले के विदुपुर थाना क्षेत्र के रंजीत कुमार राय के बेटे अर्जुन कुमार का था। जांच में सामने आया कि वही व्यक्ति बच्चे को उठाकर ले गया था। इसके साथ ही वैशाली के सदर थाना क्षेत्र की किरण देवी, जो स्वर्गीय रामचंद्र चौधरी की पत्नी है, की भी इस अपहरण में संलिप्तता सामने आई।

दोनों को किया गिरफ्तार

Child Smuggling Bust : पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान की गई। इसके बाद सोनू कुमार (विदुपुर, वैशाली), अनिल कुमार साह (समस्तीपुर), गुड़िया देवी और मुन्नी कुमारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी की निशानदेही पर अपहृत बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया, जिससे एक परिवार की जिंदगी में फिर से रौनक लौट आई।

चौंकाने वाला खुलासा

Child Smuggling Bust : गिरफ्तार आरोपित सोनू कुमार ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि यह अपहरण समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी (मोहनपुर थाना क्षेत्र) निवासी अविनाश कुमार और उसकी साथी मुन्नी कुमारी के कहने पर किया गया था। बच्चे की “डील” करीब 3.5 लाख रुपये में तय हुई थी। इस रकम का एक हिस्सा यूपीआइ के जरिए और कुछ हिस्सा नकद दिया गया था।

पुलिस के अनुसार, अविनाश कुमार पेशे से डॉक्टर है और उसी को इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। घटना के बाद से वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए बिहार और बाहर के कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है।

आरोपितों का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

Child Smuggling Bust : फिलहाल, रेलवे पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह गिरोह कहीं अन्य बच्चा चोरी की घटनाओं में भी तो शामिल नहीं रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही नेटवर्क की पूरी परतें खोल दी जाएंगी और फरार आरोपी को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

इस पूरे ऑपरेशन ने यह साबित कर दिया है कि अगर पुलिस सतर्क हो और तकनीक का सही इस्तेमाल करे, तो किसी भी अपराधी को ज्यादा समय तक बचना मुश्किल है। वहीं, स्टेशन जैसी जगहों पर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सतर्कता बरतने की जरूरत भी इस घटना ने साफ कर दी है।

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