कोलकाता, 4 दिसंबर। Kabir Suspension Case : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गुरुवार को मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हुमायूं कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया। हाल ही में कबीर ने जिले के बेलडांगा क्षेत्र में बाबरी मस्जिद बनाने की योजना घोषित की थी, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की। वहीं, कबीर ने चुनौतीपूर्ण स्वर में कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए “अपनी जान तक दे देंगे।”
पार्टी की नीतियों के खिलाफ
Kabir Suspension Case : नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री तथा कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम ने बताया कि कबीर के हालिया बयानों और गतिविधियों में “धार्मिक उन्माद के साथ राजनीति की स्पष्ट झलक” दिखी, जो पार्टी की नीतियों के खिलाफ है। हकीम ने कहा,
“पार्टी अब कबीर से किसी तरह का संबंध नहीं रखेगी। बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा कर उन्होंने 1992 की घटनाओं की दर्दनाक यादें ताजा करने की कोशिश की है। हमें संदेह है कि उनके इस कदम के पीछे भाजपा की भी भूमिका हो सकती है और भाजपा उन्हें आगे कर सांप्रदायिक राजनीति भड़काने की कोशिश कर रही है।”
कबीर का जवाब : कल देंगे इस्तीफा
Kabir Suspension Case : निलंबन के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि वह शुक्रवार को अपना इस्तीफा देंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि इस्तीफा पार्टी से होगा, विधायक पद से या दोनों से। कबीर ने कहा— “हकीम ने जो कहा, उस पर मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा। मैं कल इस्तीफा दूंगा।”
बाबरी मस्जिद निर्माण स्थल को लेकर विवाद
Kabir Suspension Case : इस बीच, कबीर की उस घोषणा को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की बेंच के सामने एक जनहित याचिका भी दायर की गई है।
बेलडांगा में वह जमीन, जिसे कबीर ने प्रस्तावित निर्माण स्थल बताया था, विवाद का केंद्र बन गई है। जमीन के वास्तविक मालिक, मुर्शिदाबाद के एक किसान ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह न तो जमीन बेचेंगे और न ही वहां किसी तरह का निर्माण होने देंगे। उन्होंने विवाद के बीच अपनी संपत्ति के चारों ओर चारदीवारी भी खड़ी करा दी है।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







